सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Digital Currency: घर-घर पहुंचने लगी डिजिटल रुपये की खनक, अब इन शहरों में लाने की तैयारी

    By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
    Updated: Wed, 08 Feb 2023 06:04 PM (IST)

    Digital Rupee डिजिटल रुपया को अब भारत के नए शहरों में शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसमें 9 शहरों को जोड़ा जा सकता है। वहीं इसके पायलट प्रोजेक्ट को ...और पढ़ें

    E-Rupee To Be Piloted In More Cities Soon, See Details
    E-Rupee To Be Piloted In More Cities Soon, See Details

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Digital Rupee: बीते साल दिसंबर में RBI द्वारा डिजिटल मुद्रा (Digital Currency) के थोक एवं खुदरा पायलट प्रोजेक्ट को शुरू किया गया था। पहले चरण में इसे पांच शहरों के आठ बैंकों में शुरू किया गया था। अब इसकी लोकप्रियता को देखते हुए इसे जल्द ही 9 और शहरों के पांच बैंकों में शुरू किया जाएगा। 

    रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि पांच और बैंक खुदरा ग्राहकों के लिए डिजिटल मुद्रा या ई-रुपये (E-Rupee) के पायलट प्रोजेक्ट में शामिल होंगे और इस परियोजना का विस्तार नौ और शहरों में किया जाएगा।

    ये शहर हो सकते हैं शामिल

    Digital Rupee के दूसरे चरण में अहमदाबाद, इंदौर और पटना जैसे नौ शहरों को जोड़े जाने की खबर है। वहीं, इसका इस्तेमाल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और बाद में चार बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा जैसे बैंकों में हो रहा है।

    लगातार बढ़ रहे Digital Currency के उपयोगकर्ता

    डिजिटल करेंसी के आने के कुछ महीने के भीतर की इसे इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। आरबीआई के मुताबिक, खुदरा केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) को इस्तेमाल करने वालों में 50,000 उपयोगकर्ता और 5,000 व्यापारी हैं। डिजिटल रुपये की इस तरह बढ़ती मांग को देखते हुए RBI ने पहले से इस्तेमाल किए जा रहे शहरों में बैंकों की संख्या को बढ़ाने का विचार भी किया है।

    अंतर-बैंक बाजार को मजबूत करने की कोशिश

    Digital Rupee के माध्यम से सरकार अंतर-बैंक बाजार को और अधिक कुशल बनाने की उम्मीद कर रही है। इसका इस्तेमाल इहर तरह की खरीदारी, छोटे लेन-देन और विदेशों में पैसे भेजने के लिए किया जा सकता है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि वह इसके साथ जल्दबाजी नहीं करना चाहती है। इसलिए , धीमी और स्थिर रफ्तार को अपना रही है।

    खबरें और भी

    ये भी पढ़ें-

    LIC Share in Adani Group: एलआईसी के पास अडानी समूह में 1 फीसद से भी कम हिस्सेदारी, सुरक्षित हैं सभी निवेश

    अपने सपनों का घर खरीदने से पहले इन जरूरी दस्तावेजों की करें जांच, कभी नहीं होगा धोखा