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क्या है धीरूभाई का वो नुस्खा, जिससे मुकेश अंबानी बने एशिया में सबसे अमीर? अब बच्चों को इसी मंत्र के साथ सौंप रहे कमान

Published: Thu, 16 Jul 2026 12:26 PM (IST)

मुकेश अंबानी अपने बच्चों को रिलायंस की जिम्मेदारियां सौंपने की प्रक्रिया में हैं, जिसमें वे अपने पिता धीरूभाई अंबानी से ...और पढ़ें

मुकेश अंबानी अपने बच्चों को दे रहे फ्रीडम

मुकेश अंबानी अपने बच्चों को दे रहे फ्रीडम

HighLights

  1. मुकेश अंबानी बच्चों को सौंप रहे रिलायंस की जिम्मेदारियां

  2. धीरूभाई ने दी थी मुकेश को काम करने की आजादी

  3. यही फॉर्मूला अब बच्चों के लिए अपना रहे मुकेश

नई दिल्ली। मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani Net Worth) भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्स हैं। वे न सिर्फ भारत बल्कि एशिया के सबसे अमीर शख्स भी रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी कंपनी की सालाना आम बैठक (AGM) में कहा था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज में कामकाज की जिम्मेदारियाँ उनके बच्चों को सौंपने का काम करीब-करीब हो गया है, जो कि उत्तराधिकार की प्रोसेस (Mukesh Ambani Succession Plan) का आखिरी फेज है।
मगर बच्चों के लिए ऐसी काम करने की फ्रीडम का फॉर्मूला उन्हें अपने पिता से मिला है। आखिर क्या है ऐसा नुस्खा, जो मुकेश अंबानी को पिता से मिला और अब वे इसे अपने बच्चों को सौंप रहे हैं? आइए जानते हैं।

क्या है ये फॉर्मूला?

18 साल पहले सन 2008 में मुकेश अंबानी ने कहा था कि "मेरे लिए सबसे बड़ा फायदा यह रहा कि मेरे पिता ने मुझे 'फर्स्ट-जनरेशन' (पहली पीढ़ी) के तौर पर स्वीकार किया"। बिजनेस करने की यह सोच नेक्स्ट जनरेशन यानी उनके बच्चों तक भी पहुँची है।
अब मुकेश, रिलायंस जियो जैसे वेंचर्स में अपने बच्चों और युवा एग्जीक्यूटिव्स को प्रोत्साहित करते हैं कि वे कंपनी को डायनामिक बनाए रखने के लिए उनकी बात को भी गलत साबित कर सकें या उसे न मानें। यानी ये उन्हें फ्रीडम देते हैं।

पिता ने दी थी ऑटोनोमी

मुकेश अंबानी ने 18 साल पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि कैसे उनके पिता, धीरूभाई अंबानी ने उन्हें शुरुआत में ही बहुत ज्यादा आजादी और आर्थिक सपोर्ट भी किया। इस बात का मतलब यह है कि मुकेश अंबानी को सिर्फ अपने पिता की मौजूदा संपत्ति को संभालने के बजाय, नए बिजनेस शुरू से बनाने की आजादी भी मिली थी।
उन्हें "पहली पीढ़ी" का उद्यमी मानकर, धीरूभाई अंबानी ने अपने बेटे को कोई सख्त कॉर्पोरेट ब्लूप्रिंट नहीं दिया और न ही उनके साथ किसी ट्रेनी जैसा बर्ताव किया।

समस्याओं को सुलझाने की बुनियादी काबिलियत मिली

पिता के अनोखे ट्रस्ट ने मुकेश अंबानी को खुद से आगे बढ़ने वाले एक फाउंडर के तौर पर समस्याओं को सुलझाने की बुनियादी काबिलियत डेवलप करने में मदद की। इससे उन्हें आखिर में रिलायंस साम्राज्य को टेलीकॉम और रिटेल जैसे बिल्कुल नए उद्योगों तक फैलाने का आत्मविश्वास मिला। मुकेश अंबानी का कहना है कि वे अपने बच्चों के साथ भी बिल्कुल यही चीज अपनाते हैं।

कितनी है मुकेश अंबानी की नेटवर्थ?

मुकेश अंबानी दुनिया के टॉप बिजनेसमैन में से हैं। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनकी कुल संपत्ति लगभग ₹8.51 लाख करोड़ आंकी गई है। अप्रैल 1957 में जन्मे, वे मशहूर उद्योगपति धीरूभाई अंबानी के बड़े बेटे हैं। 1980 में, उन्होंने भारत लौटकर पारिवारिक बिजनेस को बढ़ाने में अपने पिता की मदद करने के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी का MBA प्रोग्राम बीच में ही छोड़ दिया था।
उनकी लीडरशिप में, RIL भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट-सेक्टर का ग्रुप बना, जिसका कारोबार एनर्जी, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल और टेलीकम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है।

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