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सुस्त होती अर्थव्यवस्था ने बढ़ाई चीन की चिंता, मीटिंग पर मीटिंग कर रहा ड्रैगन; पंचवर्षीय योजना पर फोकस

Published: Fri, 04 Sep 2026 08:23 PM (IST)

चीन अपनी सुस्त अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए निर्माण कार्यों और फिक्स्ड-एसेट निवेश पर जोर दे रहा है। नेशनल ...और पढ़ें

चीन की अर्थव्यवस्था सुस्त, जीडीपी बढ़ाने के लिए बैठकें जारी।

चीन की अर्थव्यवस्था सुस्त, जीडीपी बढ़ाने के लिए बैठकें जारी।

HighLights

  1. चीन की अर्थव्यवस्था सुस्त, जीडीपी बढ़ाने के लिए बैठकें जारी।

  2. फिक्स्ड-एसेट निवेश और निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर जोर।

  3. NDRC ने पंचवर्षीय योजना के तहत बड़े प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी देश चीन की अर्थव्यवस्था इस समय सुस्त पड़ी है। अपनी जीडीपी ग्रोथ में जान फूंकने के लिए चीनी अधिकारी मीटिंग पर मीटिंग कर रहे हैं। इन मीटिंग का फोकस निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर है। क्योंकि चीनी आर्थिक सलाहकार इस बात से डरे हुए हैं कि फिक्स्ड-एसेट निवेश को बढ़ावा नहीं दिया गया है और निर्माण कार्यों को रफ्तार के साथ पूरा नहीं किया गया तो अर्थव्यवस्था और सुस्त हो सकती है।

चीन पंचवर्षीय योजना यानी फाइव ईयर प्लान के विकास कार्यों को पूरा किया जा रहा है। 2026 से 2030 के बीच के पांच साल चीन के 15वीं पंचवर्षिय योजना है। ऐसे में चालू पंचवर्षीय योजना के पहले वर्ष ही चीन अपनी अर्थव्यवस्था को धार देने के लिए पूरी तत्परता से काम कर रहा है।

आर्थिक योजना बनाने वाली संस्था ने कई मंत्रालयों के साथ की बैठक

चीन की मुख्य आर्थिक योजना बनाने वाली संस्था नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन (NDRC) ने बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए लगातार दो दिनों तक बैठकें की हैं। इससे पता चलता है कि आर्थिक रफ्तार धीमी पड़ने के बीच फिक्स्ड-एसेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने की कितनी जरूरत है।

नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन (NDRC) ने गुरुवार को कई मंत्रालयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, ताकि देश की नई पंचवर्षीय योजना के तहत प्रस्तावित 109 बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की जा सके।

2030 तक देश के 6 नेटवर्क को अपग्रेड करने का लक्ष्य

NDRC ने बुधवार को चीन के 'छह नेटवर्क' के लिए फाइनेंसिंग सिस्टम को मजबूत करने पर एक बैठक की। यह 'पांच-वर्षीय योजना' के तहत एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोग्राम है, जिसका मकसद 2030 तक देश के पानी, बिजली, कंप्यूटिंग, टेलीकम्युनिकेशन, लॉजिस्टिक्स और अंडरग्राउंड पाइप सिस्टम को अपग्रेड करना है।

एक अलग बयान के मुताबिक, बैठक में अधिकारियों ने फाइनेंशियल संस्थानों के साथ जानकारी साझा करने को बेहतर बनाने, प्राइवेट कैपिटल की भागीदारी को बढ़ावा देने और सरकारी निवेश की भूमिका का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दिया।

इनमें पिछले शुक्रवार को बुलाई गई एक खास राष्ट्रीय बैठक भी शामिल थी, जिसका मकसद टेक्नोलॉजी इनोवेशन, इंडस्ट्रियल अपग्रेडिंग और शहरी नवीनीकरण जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना था। साथ ही, अधिकारियों ने बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के लिए सरकारी फंड तेज़ी से जारी करने का वादा किया।

UBS सिक्योरिटीज के मुख्य चीन अर्थशास्त्री सोंग यू ने कहा कि बीजिंग की प्राथमिकता अब निवेश को बढ़ावा देने पर है।

इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और प्रॉपर्टी कंस्ट्रक्शन जैसे प्रमुख क्षेत्रों को मिलाकर कुल फिक्स्ड-एसेट निवेश में जनवरी-जुलाई की अवधि के दौरान 6.7 प्रतिशत की गिरावट आई।

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