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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Byju's ने आकाश एजुकेशनल के अधिग्रहण की बकाया राशि का किया भुगतान, ब्लैकस्टोन को मिले 1900 करोड़ रुपये

By Abhinav ShalyaEdited By:
Updated: Sat, 24 Sep 2022 02:37 PM (IST)

Byjus बाइजू की ओर से 2021 में आकाश एजुकेशनल का अधिग्रहण किया था। इस डील के बाद कंपनी ने म्यूचुअल एग्रीमेंट के आधार पर ब्लैकस्टोन के साथ तय किया था कि आकाश एजुकेशनल में उसकी हिस्सेदारी के बदले भुगतान कुछ समय बाद किया जाएगा।

Byju clears USD 230 million dues to Blackstone for Aakash acquisition
Byju clears USD 230 million dues to Blackstone for Aakash acquisition

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। एडटेक कंपनी बाइजू (Byju's) ने प्राइवेट इक्विटी फर्म ब्लैकस्टोन को 230 मिलियन डॉलर (1,868 करोड़ रुपये) का भुगतान किया है, यह 2021 में हुई आकाश एजुकेशनल के साथ 950 मिलियन डॉलर की डील का हिस्सा है। ये जानकारी मामले से जुड़े सूत्रों ने दी। भुगतान की खबर ऐसे समय पर आई है, जब बाइजू पर नुकसान लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि ये भुगतान बाइजू की ओर से गुरुवार को किया गया था। ब्लैकस्टोन से बाइजू ने आकाश एजुकेशनल में 38 प्रतिशत हिस्से को खरीदा था।  2021 में अधिग्रहण करने के बाद बाइजू ने आकाश एजुकेशनल के सभी शेयरहोल्डर को भुगतान कर दिया था। वहीं, ब्लैकस्टोन के साथ हुए एक म्यूचुअल एग्रीमेंट में तय किया गया था कि उसके हिस्से का भुगतान कुछ समय के बाद किया जाएगा।

भारी नुकसान में बाइजू

देश की बड़ी एडटेक कंपनी बाइजू का वित्त वर्ष 21 में नुकसान बढ़कर 4564 करोड़ रुपये (574 मिलियन डॉलर) पर पहुंच गया था। इस दौरान कंपनी की आय में भी 3 प्रतिशत की कमी आई थी।

बड़े स्तर पर अधिग्रहण कर रही बाइजू

बाइजू की गिनती देश के सबसे बड़ी स्टार्टअप कंपनियों में होती है। कंपनी की वैल्यूएशन 22 बिलियन डॉलर के करीब है। वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने दूसरी कंपनियों के अधिग्रहण पर 2.5 बिलियन डॉलर खर्च किये थे। कंपनी की ओर से किए गए बड़े अधिग्रहणों में आकाश एजुकेशनल, ग्रेट लर्निंग और Toppr जैसी बड़ी कंपनियों का नाम शामिल है।

कंपनी के पास ग्लोबल इंवेस्टर

कोरोना के समय देश में ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा मिलने में बाइजू जैसी कंपनियों को बड़ा लाभ हुआ है। इसमें टाइगर ग्लोबल, सिकोइया कैपिटल और मार्क जुकरबर्ग की चान-जुकरबर्ग इनिशिएटिव जैसे विदेशी निवेशकों ने निवेश किया हुआ है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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