समंदर में इंटरनेट केबल से तेल-गैस की पाइपलाइनों तक, गौतम अदाणी का बड़ा दांव; ₹13000 करोड़ के प्लान से मचेगी खलबली
Adani Group ने अपनी कंपनी APSEZ के माध्यम से सब-सी और ऑफशोर सर्विस मार्केट में बड़ा विस्तार करने की घोषणा की है। इसके तहत ₹13,000 करोड़ का निवेश कर 20 ...और पढ़ें

अदाणी का समंदर में ₹13000 करोड़ का महादांव: सब-सी केबल और पाइपलाइन कारोबार में एंट्री

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नई दिल्ली| अदाणी ग्रुप अब सिर्फ जमीन और आसमान ही नहीं, बल्कि समंदर की असीमित गहराइयों पर भी अपनी धाक जमाने की तैयारी कर चुका है। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) ने मंगलवार को एक बड़े ग्लोबल विस्तार का एलान किया है। कंपनी ने अपनी मरीन प्लेटफॉर्म एस्ट्रो ऑफशोर के जरिए अमेरिकी दिग्गज कंपनी ओशनियरिंग इंटरनेशनल के साथ हाथ मिलाया है।
इस साझेदारी का मकसद यूरोप के बेहद जटिल सब-सी यानी समुद्र के नीचे के काम और ऑफशोर सर्विस मार्केट में कब्जा जमाना है।
₹13000 करोड़ का महाप्लान
अदाणी पोर्ट्स का लक्ष्य छोटा-मोटा नहीं है। कंपनी वित्त वर्ष 2031 तक करीब 13,000 करोड़ रुपए का निवेश (Capex) करने की योजना बना रही है। इस भारी-भरकम रकम का इस्तेमाल 200 जहाजों का एक विशाल ग्लोबल मरीन बेड़ा तैयार करने में किया जाएगा। कंपनी की नजर साल 2031 तक इस मरीन बिजनेस से 6,000 करोड़ रुपए का रेवेन्यू कमाने पर है।
यूरोप के गहरे पानी में एंट्री
इस विस्तार के तहत दुबई स्थित एस्ट्रो ऑफशोर ने एनर्जी सवाना नामक एक खास जहाज खरीदा है, जिसे अब एस्ट्रो एटलस के नाम से जाना जाएगा। 97 मीटर लंबा यह जहाज कोई मामूली जहाज नहीं है, बल्कि यह समुद्र के नीचे के निर्माण, केबल बिछाने और पाइपलाइन फिट करने जैसे चुनौतीपूर्ण कामों के लिए डिजाइन किया गया है।
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जहाज की खासियत क्या है?
- यह 3000 मीटर से ज्यादा गहरे पानी में काम कर सकता है।
- इसमें 150 टन की भारी-भरकम सब-सी क्रेन लगी है।
- जहाज पर 100 लोगों के रहने की सुविधा है।
अदाणी का विजन क्या है?
APSEZ के सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा कि,
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"यह कदम कंपनी को दुनिया का सबसे बड़ा और विविधतापूर्ण मरीन प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता है।"
एस्ट्रो ऑफशोर के सीईओ मार्क हम्फ्रीज का मानना है कि एस्ट्रो एटलस के आने से कंपनी की ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब वे गहरे समुद्र के सबसे कठिन प्रोजेक्ट्स को भी आसानी से पूरा कर पाएंगे।
सरल शब्दों में कहें तो अदाणी अब समंदर के नीचे बिछने वाले इंटरनेट केबल से लेकर तेल और गैस की पाइपलाइनों तक के ग्लोबल कारोबार में एक बड़ा खिलाड़ी बनने जा रहा है।