अदाणी का मास्टरस्ट्रोक या मजबूरी? भारत की सबसे बड़ी एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में हिस्सेदारी बेचने की तैयारी
अदाणी एंटरप्राइजेज ने अपनी एयरपोर्ट यूनिट अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स में 5.54% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। इस डील से ...और पढ़ें

पैसा जुटाएगी अदाणी एंटरप्राइजेज
HighLights
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स में 5.54% हिस्सेदारी की बिक्री
टेमासेक, ब्लैकरॉक जैसे निवेशकों से 1 बिलियन डॉलर जुटाएगी
फंड का उपयोग एयरपोर्ट नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण में होगा
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अदाणी एंटरप्राइजेज ने बुधवार को कहा कि इसने अपनी एयरपोर्ट यूनिट में 5.54% तक हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। इससे कंपनी को अपने बिजनेस के लिए फंड जुटाने में मदद मिलेगी। इस हिस्सेदारी बिक्री के लिए टेमासेक, ब्लैकरॉक, प्रेमजी इन्वेस्ट और अल्फा वेव जैसे निवेशकों के ग्रुप से लगभग 1 बिलियन डॉलर (9,825 करोड़ रुपये) जुटाए जाएंगे।
इस डील के तहत, अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स निवेशकों के ग्रुप को नए शेयर जारी करेगी, जिससे बिजनेस के लिए नई कैपिटल आएगी। हालांकि अदाणी एंटरप्राइजेज अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग की कंट्रोलिंग शेयरहोल्डर बनी रहेगी।
1.71 लाख करोड़ रुपये आंकी गयी वैल्यू
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस डील में निवेश से पहले एयरपोर्ट ऑपरेटर की वैल्यू लगभग $18 बिलियन (1.71 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है। फिलहाल कंपनी ने हर किश्त के साइज या उन शेयरों की कीमत का खुलासा नहीं किया है जिन्हें जारी किया जाएगा।
इस फंड का इस्तेमाल कंपनी के एयरपोर्ट नेटवर्क को बढ़ाने और उसे आधुनिक बनाने, एयरपोर्ट से जुड़े कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने और ग्राउंड हैंडलिंग व पैसेंजर सर्विस जैसे संबंधित बिजनेस को बढ़ाने में किया जाएगा।
सबसे बड़ी एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी
इन्वेस्टर ग्रुप में कई बड़े नाम हैं। इनमें टेमासेक (Temasek) का जोंगसोंग इन्वेस्टमेंट्स (Jongsong Investments), अल्फा वेव III (Alpha Wave III), प्रेमजी इन्वेस्ट (Premji Invest) का PI अपॉर्च्युनिटीज़ फंड (PI Opportunities funds) और ब्लैकरॉक (BlackRock) के ग्लोबल एलोकेशन, स्ट्रैटेजिक इनकम और फिक्स्ड-इनकम स्ट्रेटेजी के तहत मैनेज किए जाने वाले फंड शामिल हैं।
भारत की सबसे बड़ी एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी
भारत की सबसे बड़ी एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी, अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स आठ एयरपोर्ट का मैनेजमेंट करती है, जिनमें मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल है। ये एयरपोर्ट देश के पैसेंजर ट्रैफिक का लगभग 25% और एयर कार्गो वॉल्यूम का 33% हिस्सा संभालते हैं।
