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    'फिटमेंट फैक्टर 3.83, पुरानी पेंशन और...', मीटिंग में 8th Pay Commission से NC-JCM ने क्या-क्या मांग लिया?

    Updated: Thu, 30 Apr 2026 07:19 PM (IST)

    8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग की दूसरी बैठक दिल्ली में संपन्न हुई, जिसमें NC-JCM स्टाफ साइड ने कर्मचारियों के लिए 15 प्रमुख मांगें रखीं। इन मांग ...और पढ़ें

    आठवें वेतन आयोग की बैठक में NC-JCM ने रखीं बड़ी मांगें, न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर पर जोर

    आठवें वेतन आयोग की बैठक में NC-JCM ने रखीं बड़ी मांगें, न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर पर जोर

    HighLights

    1. न्यूनतम वेतन ₹69,000 और फिटमेंट फैक्टर 3.833 की मांग।

    2. पुरानी पेंशन योजना की बहाली और 600 EL नकदीकरण की अपील।

    3. भत्तों में तीन गुना वृद्धि और पांच पदोन्नति का प्रस्ताव।

    नई दिल्ली। 8th Pay Commission News: 8वां वेतन आयोग की दूसरी मीटिंग दिल्ली में थी। यह मीटिंग 28 अप्रैल से शुरू हुई, जो आज यानी 30 अप्रैल को खत्म हुई। 28 तारीख को ही NC-JCM ने वेतन आयोग के सामने कर्मचारियों की मांग रखी थी।

    इसके अलावा, 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने 29 अप्रैल को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक हालिया अपडेट में हितधारकों के सुझाव जमा करने की समय सीमा भी बढ़ाकर 31 मई कर दी है। 30 अप्रैल की पिछली समय सीमा के कारण आयोग की वेबसाइट भी कुछ समय के लिए बंद हो गई थी। इसलिए, आयोग ने हितधारकों को परामर्श प्रक्रिया में भाग लेने के लिए और अधिक समय देने का निर्णय लिया।

    स्टाफ साइड (NC-JCM) की स्थायी समिति ने 28 अप्रैल को नई दिल्ली में 8वें वेतन आयोग के साथ बैठक में मांगों का एक विस्तृत सेट प्रस्तुत किया। इसमें फिटमेंट फैक्टर से लेकर पुरानी पेंशन की बहाली और 600 EL को एनकैश करने जैसी बाते कही गई हैं। आइए जानते हैं कि आखिर 8वें वेतन आयोग के सामने स्टाफ साइड (NC-JCM) की स्थायी समिति ने क्या-क्या प्रमुख मांगें रखीं।

    8th Pay Commission से NC-JCM स्टॉफ ने की 15 बड़ी मांगें

    क्रमांक कैटेगरी मांगें
    1 वेतन और पदोन्नतियां 30 वर्षों में ACP/MACP प्रगति के साथ 5 प्रमोशन।
    2 वेतन निर्धारण प्रमोशन पर दो अतिरिक्त वेतन-वृद्धियां और बेहतर वेतन-निर्धारण लाभ।
    3 भत्ते DA संशोधन से जुड़े HRA, CEA और जोखिम भत्ते में तीन गुना वृद्धि। HRA, CEA और जोखिम भत्ते पर विशेष ध्यान।
    4 एडवांस भुगतान त्योहार और आपदा अग्रिमों की बहाली, वाहन अग्रिम की शुरुआत, सेवारत कर्मचारी की मृत्यु पर वसूली की माफी।
    5 छुट्टी संबंधी सुधार 600 दिनों की अर्जित अवकाश नकदीकरण (encashment) का अनुरोध; बाल देखभाल अवकाश, पितृत्व, मासिक धर्म, चिकित्सा और दिव्यांगता देखभाल अवकाश।
    6 बीमा बढ़ी हुई CGEGIS कवरेज और संशोधित अंशदान दरें।
    7 मुआवजा सेवाकाल के दौरान दुर्घटना से मृत्यु होने पर ₹2 करोड़ की अनुग्रह राशि।
    8 अनुकंपा नियुक्ति 5% की सीमा हटाकर 100% कवरेज का अनुरोध।
    9 बोनस संरचना सीमा की समाप्ति; मूल वेतन (Basic Pay) + DA के आधार पर गणना।
    10 पेंशन और सेवा लाभ NPS/UPS की वापसी, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, पेंशन संशोधन, नागरिकों के लिए OROP, ग्रेच्युटी और पारिवारिक पेंशन में सुधार, तथा 5-वर्षीय आवधिक वृद्धि।

    नीचे विस्तार से पढ़िए कि नेशनल काउंसिल जेसीएम स्टाफ साइड ने वेतन आयोग के समक्ष कौन-कौन सी 15 प्रमुख मांगें रखी हैं।

    1. न्यूनतम वेतन:- कर्मचारी पक्ष ने माता-पिता सहित 5 सदस्यों वाले परिवार को आधार माना है, जिसमें ICMR द्वारा अनुशंसित औसत 3490 किलो-कैलोरी प्रति दिन की आवश्यकता शामिल है। साथ ही, इसमें कई ऐसी मदें भी शामिल की गई हैं, जिन्हें न्यूनतम वेतन की गणना करते समय आमतौर पर शामिल नहीं किया जाता। इसके अलावा, आवश्यक तकनीकी खर्चों आदि की जरूरतों को भी ध्यान में रखते हुए, न्यूनतम वेतन के रूप में 69,000 रुपये करने की मांग है।

    2. फिटमेंट फैक्टर:- न्यूनतम वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये कर दिया जाए, जो कि 3.833 गुना है। यानी फिटमेंट फैक्टर 3.833 के हिसाब से बेसिक सैलरी में इजाफा किया जाए।

    3. वेतनमानों का विलय:- स्टाफ साइड ने वेतनमानों की संख्या को कम करने के उद्देश्य से वेतनमानों के विलय का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें प्रत्येक श्रेणी के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता, कौशल की जरूरत, अनुभव, कार्य-क्षेत्र का ज्ञान (exposure) आदि बातों का ध्यान रखा जाए। 8वां CPC इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रूप से विचार कर सकता है।

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    4. वेतन वृद्धि की दर:- स्टाफ साइड ने मांग की कर्मचारियों को उनके मूल वेतन (Basic Pay) का 6% वार्षिक वेतन वृद्धि के रूप में मिलना चाहिए।

    5. पांच प्रमोशन :- कैडर रिव्यू में असामान्य देरी, MACP के नकारात्मक पहलुओं और काम में ठहराव (stagnation) की स्थिति को देखते हुए, स्टाफ साइड ने प्रस्ताव दिया है कि ग्रुप A अधिकारियों की तरह ही, 30 साल की सेवा के दौरान एक निश्चित समय-सीमा के भीतर 5 प्रमोशन दिए जाएं। यदि किसी कारणवश प्रस्तावित समय-सीमा के भीतर प्रमोशन नहीं दिया जाता है, तो हमारे प्रस्ताव के अनुसार, प्रमोशन की क्रम-व्यवस्था में ACP सुनिश्चित की जानी चाहिए।

    6. प्रमोशन पर वेतन निर्धारण (Fixation) का लाभ:- प्रमोशन और MACP के समय, वेतन निर्धारण के लाभ के रूप में दो अतिरिक्त वेतन-वृद्धि (increments) प्रदान की जानी चाहिए।

    7. भत्ते (Allowances):- 8वें वेतन आयोग से मांग की गई कि सभी भत्तों में तीन गुना वृद्धि की जानी चाहिए। हालांकि, HRA, CEA और जोखिम भत्ते (Risk Allowance) के संबंध में, हमारे ज्ञापन में दिए गए तर्कों पर आयोग द्वारा सकारात्मक रूप से विचार किया जाना चाहिए। सभी भत्ते DA (महंगाई भत्ते) में होने वाली वृद्धि से जुड़े होंगे।

    8. अग्रिम (Advances):- सभी अग्रिम (Advances) ब्याज-मुक्त होने चाहिए, और यदि कोई कर्मचारी सेवाकाल के दौरान ही मृत्यु को प्राप्त हो जाता है, तो उसके सेवा-निवृत्ति लाभों (terminal benefits) में से किसी भी अग्रिम की वसूली नहीं की जानी चाहिए। त्योहार अग्रिम और प्राकृतिक आपदा अग्रिम को पुनः बहाल किया जाना चाहिए। चार-पहिया वाहन अग्रिम (Four-Wheeler Advance) की सुविधा भी शुरू की जानी चाहिए।

    9. अवकाश (Leave):- EL (अर्जित अवकाश) के संचय पर कोई सीमा नहीं होनी चाहिए, और सेवा-निवृत्ति के समय 600 दिनों तक के EL का नकदीकरण (encashment) किया जा सकता है। सेवाकाल के दौरान भी EL के नकदीकरण की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। स्टाफ साइड द्वारा HPL, CL आदि के संबंध में दिए गए प्रस्तावों पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाना चाहिए। CCL (बाल-देखभाल अवकाश) के दूसरे चरण (spell) के 365 दिनों के दौरान 100% वेतन का भुगतान किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, पितृत्व अवकाश, मासिक धर्म अवकाश, हिस्टेरेक्टॉमी (गर्भाशय-निष्कासन) सर्जरी के लिए विशेष अवकाश, मानसिक या शारीरिक दिव्यांगता वाले बच्चों के माता-पिता के लिए विशेष अवकाश, माता-पिता की देखभाल के लिए अवकाश, तथा महीने में 120 मिनट (2 घंटे) तक की विलंब-उपस्थिति (late marking) पर आधे दिन का CL न काटा जाए—आदि प्रस्तावों की अनुशंसा की जानी चाहिए।

    10. CGEGIS:- स्टाफ साइड द्वारा CGEGIS (केंद्रीय सरकारी कर्मचारी समूह बीमा योजना) के तहत अंशदान की दर और बीमा कवरेज को बढ़ाने के संबंध में दिए गए प्रस्ताव पर 8वें CPC (वेतन आयोग) द्वारा सकारात्मक रूप से विचार किया जाना चाहिए।

    11. आकस्मिक मृत्यु:- ड्यूटी के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर दिए जाने वाले अनुग्रह-भुगतान (ex-gratia payment) की राशि को बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किया जाना चाहिए।

    12. अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment):- अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान 100% होना चाहिए, और इस पर लागू 5% की ऊपरी सीमा (ceiling) को समाप्त कर दिया जाना चाहिए।

    13. बोनस:- बोनस की सीमा (ceiling) हटा दी जानी चाहिए और यह वास्तविक मूल वेतन (Basic Pay) + DA पर आधारित होना चाहिए।

    14. NPS और UPS वापस लीजिए:- कर्मचारी पक्ष (Staff Side) ने अपने ज्ञापन में NPS और UPS को वापस लेने तथा गैर-अंशदायी पेंशन योजना (Non-Contributory Pension Scheme) को बहाल करने के लिए पर्याप्त औचित्य प्रस्तुत किया है।

    15. पेंशनभोगियों की मांगें:- कर्मचारी पक्ष ने कहा कि 8वां CPC मौजूदा पेंशनभोगियों की उपेक्षा नहीं कर सकता, क्योंकि उन्होंने राष्ट्र की सेवा में 30 से 40 वर्ष व्यतीत किए हैं। उनकी पेंशन में संशोधन किया जाना आवश्यक है, और 8वां CPC असैनिक कर्मचारियों के लिए 'एक रैंक एक पेंशन' (One Rank One Pension) की अवधारणा की सिफारिश कर सकता है। 11 वर्षों के पश्चात् कम्यूटेड पेंशन (Commuted Pension) की बहाली, प्रत्येक 5 वर्ष पर पेंशन में वृद्धि, ग्रेच्युटी संबंधी प्रस्ताव, तथा पेंशन/पारिवारिक पेंशन की दर आदि विषयों पर कर्मचारी पक्ष द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार किया जा सकता है।

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