यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लोन की EMI का बोझ कम करना चाहते हैं तो तुरंत अपनाएं ये ट्रिक्स, कर्ज से तुरंत मिलेगी निजात
ज्यादा ईएमआई किसी के लिए भी मुसीबत का सबब बनी सकती है। ईएमआई समय पर न भरने पर आपकी फाइनेंशियल हेल्थ पर भी बुरा असर होता है। हम इस रिपोर्ट में ईएमआई को ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। बीते एक साल में ब्याज दर बढ़ने के कारण लोगों पर लोन की ईएमआई का बोझ पहले के मुकाबले काफी अधिक बढ़ गया है। ऐसे में आप भी लोन का बोझ कम करने का प्लान बना रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है।
हम अपनी इस रिपोर्ट में उन तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप आसानी से अपने लोन का बोझ हल्का कर सकते हैं।
अधिक ब्याज दर वाले लोन का पहले भुगतान करें
अगर आपके पास एक से अधिक लोन हैं तो लोन के बोझ को कम करने का सबसे आसान तरीका है कि आप अधिक ब्याज दर वाले लोन का पहले भुगतान करें। इसका फायदा यह है कि आप पर ब्याज अधिक नहीं लगेगी।

आय के साथ अपनी ईएमआई बढ़ाए
अगर आपने 20 साल के लिए होम लोन लिया है तो फिर इन दौरान आपकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। ऐसे में जैसे-जैसे आपकी आय बढ़ती जाती है। ठीक उसी प्रकार से आपको अपनी ईएमआई को भी बढ़ाते रहना चाहिए। इससे लोन को जल्दी चुकाने में मदद मिलेगी।
बोनस से लोन का रीपेमेंट करें
बड़ी कंपनियों की ओर से अपने कर्मचारियों को प्रति वर्ष दिवाली या फिर नए वित्त वर्ष की शुरुआत में बोनस दिया जाता है। इस बोनस का इस्तेमाल लोन रीपेमेंट के लिए आप कर सकते हैं।
खबरें और भी
.jpg)
क्रेडिट कार्ड के पेमेंट को ईएमआई बदलें
अगर आप क्रेडिट कार्ड के पेमेंट के जंजाल में फंस गए हैं, तो आपको अपने क्रेडिट कार्ड के बकाए को ईएमआई में बदलवा लेना चाहिए। इसका फायदा यह है कि आपको आसानी से क्रेडिट कार्ड के बकाए का भुगतान कर पाएंगे।
इन्वेस्टमेंट से करें कर्ज का भुगतान
अगर आप पर कर्ज काफी ज्यादा और आपकी आय का एक बड़ा हिस्सा केवल ईएमआई में चला जाता है तो आपके लिए इन्वेस्टमेंट से कर्ज का भुगतान करना सबसे अच्छा तरीका है।
खर्च कम करें
अगर आप कर्ज का बोझ आपकी लाइफस्टाइल की वजह से बढ़ गया है तो आपको इसमें बदलाव करना होगा, क्योंकि आप अपना खर्च कम करके ईएमआई के अतिरिक्त भी भुगतान कर सकते हैं। ज्यादा प्रिंसिपल अमाउंट का भुगतान करने पर आपका ईएमआई का बोझ भी कम हो जाएगा।
