पश्चिम चंपारण में जब सरकार नहीं आई साथ, तो गांव ने खुद खड़ा कर दिया 300 फीट का बांध
पश्चिम चंपारण के दरदरी गांव में मनोर नदी के कटाव और बाढ़ से परेशान ग्रामीणों ने सरकारी मदद न मिलने पर स्वयं 300 फीट लंबा बांध बनाना शुरू किया है। आपसी ...और पढ़ें

मनोर नदी पर बांध निर्माण में जुटे ग्रामीण। जागरण
HighLights
दरदरी गांव में ग्रामीणों ने स्वयं बनाया 300 फीट बांध।
मनोर नदी के कटाव और बाढ़ से बचाव हेतु पहल।
आपसी चंदे से जुटाए डेढ़ लाख रुपये, आत्मनिर्भरता की मिसाल।
संवाद सूत्र, हरनाटांड़ ( पश्चिम चंपारण ) । बगहा दो प्रखंड की नौरंगिया दरदरी पंचायत अंतर्गत दरदरी गांव में बाढ़ और कटाव की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करते हुए सामूहिक चंदे से करीब 300 फीट लंबा बांध निर्माण कार्य शुरू कराया है।
मनोर नदी की हर साल होने वाली तबाही से परेशान ग्रामीणों ने जब जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कई बार स्थायी समाधान की मांग के बावजूद राहत नहीं मिली, तब गांव के लोगों ने खुद आगे बढ़कर बाढ़ से बचाव की जिम्मेदारी उठाई।
इस संबंध में जानकारी देते हुए दरदरी गांव के गुमस्ता राजू महतो ने बताया कि मनोर नदी का कटाव गांव के लिए वर्षों से बड़ी समस्या बना हुआ है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ते ही गांव में पानी घुस जाता है, जिससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।
कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पक्का बांध निर्माण कराने की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से चंदा एकत्र कर स्वयं बांध निर्माण कराने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों ने आपसी सहयोग से करीब डेढ़ लाख रुपये का चंदा जुटाया है।
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निर्माणाधीन बांध को मजबूत बनाने के लिए मिट्टी के साथ-साथ कचरे और अन्य स्थानीय संसाधनों का भी उपयोग किया जा रहा है, ताकि तेज बहाव और पानी के दबाव से बांध सुरक्षित रह सके।
ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में मनोर नदी का सबसे अधिक दबाव दरदरी गांव पर पड़ता है। पिछले वर्ष जुलाई में आई बाढ़ के दौरान पूरा गांव जलमग्न हो गया था और घरों में पानी घुस गया था।
जिससे लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। उसी भयावह अनुभव को देखते हुए इस बार ग्रामीण पहले से ही बचाव की तैयारी में जुट गए हैं।
ग्रामीण संजय कुमार महतो ने कहा कि मनोर नदी दरदरी के अलावा सोनगढ़वा और सेमरी डीह गांवों में भी तबाही मचाती है, लेकिन दरदरी गांव सीधे नदी के निशाने पर रहता है। ऐसे में यहां के लोगों की परेशानी अधिक बढ़ जाती है।
उन्होंने सरकार से अविलंब स्थायी और पक्के बांध निर्माण की मांग करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों को हर साल आने वाली बाढ़ और कटाव की समस्या से स्थायी राहत मिल सकेगी।
बांध निर्माण कार्य में ओमप्रकाश महतो, मदन प्रसाद, प्रभुनाथ कुमार, गुंजेश कुमार, हीरा महतो, रामायण महतो, राजेंद्र महतो, कमला देवी, मंजू देवी, पशुपति देवी, जमुना देवी, सावित्री देवी, विमला देवी, पार्वती देवी और नीलम देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण सक्रिय रूप से श्रमदान और सहयोग कर रहे हैं।