Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पश्चिम चंपारण में सरकारी जमीन पर कब्जे से थमा पानी का रास्ता, 500 घरों पर जलजमाव का खतरा

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 05:21 PM (IST)

    पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे से अंजुआ गांव के 500 घरों की जल निकासी बाधित हो गई है। ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी से कार्रवाई ...और पढ़ें

    भूमि पर पहुंचे सरपंच प्रतिनिधि, पुलिस व अन्य। सौ. ग्रामीण

    भूमि पर पहुंचे सरपंच प्रतिनिधि, पुलिस व अन्य। सौ. ग्रामीण

    HighLights

    1. नरकटियागंज में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा।

    2. 500 घरों की जल निकासी व्यवस्था बाधित।

    3. अंचलाधिकारी ने अतिक्रमण हटाने का दिया आश्वासन।

    संवाद सहयोगी, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण)। अंचल क्षेत्र के बनवरिया पंचायत अंतर्गत अंजुआ गांव में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। करीब 5 कट्ठा 5 धूर सरकारी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने से गांव में विवाद की स्थिति बन गई है।

    अवैध कब्जे से गांव का ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त हो गया है, जिससे हल्की वर्षा होने पर भी मुख्य सड़क बड़े नाला में तब्दील हो जा रही है। विवाद की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे स्थानीय सरपंच प्रतिनिधि और पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर फिलहाल मामले को शांत कराया है।

    इसके बाद ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण प्रकाश राम, अखिलेश्वर प्रसाद, त्रिपुरारी पांडेय, अनिल प्रसाद, लोरिक राम, धर्मेंद्र पांडेय, तरन तुरहा, जितेंद्र प्रसाद, कमलेश बारी, राजन भारती, जयप्रकाश श्रीवास्तव, आजाद मियां, दिनेश गुप्ता, शोभा देवी, हृदया साह, आगम मियां आदि ग्रामीणों का कहना है कि उक्त सरकारी भूमि से वार्ड संख्या एक और तीन के लगभग 500 घरों का पानी दशकों से निकल रहा है, जिस पर गांव के ही छोटेलाल सहनी, दशरथ सहनी, जंगबहादुर साह, चंद्रभूषण साह, रामजी साह और किशोरी साह आदि द्वारा अवैध कब्जा कर जल निकासी को अवरुद्ध किया जा रहा है।

    इस कारण मुख्य सड़क के साथ-साथ गांव पर जलजमाव का संकट उत्पन्न होने लगा है। ग्रामीणों की इस शिकायत को स्थानीय मुखिया और सरपंच ने भी आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया है।

    नाले जाम होने से सड़क पर बह रहा गंदा पानी

    ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले पूर्व मुखिया के कार्यकाल में नाला की साफ सफाई कराई गई थी। तब पानी निकासी में समस्या नहीं होती थी। लेकिन उसके बाद फिर से अतिक्रमण कर लिया गया। जिसके कारण नाली का गंदा पानी सड़क पर ही बह रहा है और यहां सड़क पर जलजमाव की विकट स्थिति बन गई है।

    खबरें और भी

    ग्रामीणों ने बताया कि यह मुख्य मार्ग है। इस मुख्य सड़क से होकर दर्जनों गांव और रामनगर प्रखंड के लोगों का आवाजाही भी होता है। ऐसे में सड़क पर जलजमाव होने ग्रामीणों के साथ साथ राहगीरों को भी भारी कष्ट उठानी पड़ रही है।

    ग्रामीणों के आवेदन के आलोक में राजस्व कर्मचारी को भौतिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आते ही अवैध कब्जे को हटाया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
     सुधांशु शेखर, अंचलाधिकारी, नरकटियागंज।

    यह भी पढ़ें- कैमूर: मोहनियां के वार्ड-6 में 5 साल से नल-जल योजना अधूरी, पानी के लिए तरस रहे लोग