गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से सिसवा मंगलपुर व बैसिया समेत पांच गांवों का संपर्क कटा, पश्चिम चंपारण में बढ़ी परेशानी
West Champaran floods : लगातार बारिश और गंडक बराज से पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड में पांच गांवों का सड़क संपर्क दूसरे दि ...और पढ़ें

सिसवा से प्रखंड मुख्यालय जाने वाली सड़क पर बह रहा पानी। सौ. ग्रामीण
संवाद सूत्र, योगापट्टी (पश्चिम चंपारण)। लगातार हो रही बारिश और गंडक बराज से छोड़े जा रहे पानी का असर शुक्रवार को भी योगापट्टी प्रखंड में देखने को मिला। दूसरे दिन भी सिसवा मंगलपुर और जरलपुर-खुटवनिया पंचायत के पांच गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित रहा। कई संपर्क मार्गों पर तीन से पांच फीट तक पानी बहने से लोगों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।
मुख्य सड़क पर तीन से चार फीट पानी
सिसवा मंगलपुर पंचायत के सिसवा मंगलपुर, बीनटोली, मंधातापुर, गोंड टोली, हरिजन बस्ती और कस्बा टोला को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर तीन से चार फीट पानी बह रहा है। सड़क डूब जाने से ग्रामीणों को जरूरी कामों के लिए आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षकों, बच्चों और किसानों की बढ़ी मुश्किलें
जलभराव के कारण विद्यालय पहुंचना भी चुनौती बन गया है। यूएचएस मंगल रखाही विद्यालय के शिक्षक लालाजी साह सहित कई शिक्षकों को स्कूल पहुंचने में कठिनाई हुई। वहीं स्कूली बच्चों, किसानों और रोजमर्रा के कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
दुर्घटना की आशंका, सुरक्षा की मांग
ग्रामीण सरदार पांडेय, पप्पू पांडे और अमिरका गद्दी ने बताया कि कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है। ऐसे में मार्ग का पता नहीं चल रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित सड़कों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है।
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बैसिया और भस्हवा गांव का आवागमन ठप
जरलपुर-खुटवनिया पंचायत के बैसिया और भस्हवा गांव की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। जरलपुर से इन गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर चार से पांच फीट पानी बह रहा है। इससे दोनों गांवों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
हर साल की समस्या, नाव चलाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान हर वर्ष ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि जब तक पानी नहीं उतरता, तब तक प्रभावित गांवों में नाव की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नाव संचालन शुरू कराने और राहत के आवश्यक इंतजाम करने की मांग की है।