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    जंगल छोटा पड़ा तो गांवों की ओर निकले बाघ, वीटीआर में बढ़ी दहशत, दो साल में छह लोगों की मौत 

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 07:00 AM (IST)

    वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बाहर बाघों का भटकाव बढ़ा है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष में वृद्धि हुई है। पिछले दो वर्षों में 6 लोगों की मौत हुई और 249 मवेशी ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    HighLights

    1. बाघों का भटकाव सीमित जगह, क्षेत्रीय संघर्ष के कारण बढ़ा।

    2. दो साल में छह लोगों की मौत, 249 मवेशी प्रभावित।

    3. वन्यजीव हमलों में 95 लाख से अधिक मुआवजा भुगतान किया गया।

    जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) क्षेत्र के आसपास हाल के वर्षों में बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के भटकने की घटनाएं बढ़ी हैं। इनमें बाघों के भटकाव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

    वीटीआर से बाहर निकलने वाले वन्यजीवों के कारण आसपास के इलाकों में जान-माल की क्षति भी हो रही है। वन विभाग के अनुसार बफर क्षेत्र सीमित होने, पर्याप्त स्पेस की कमी और बाघों के बीच टेरिटरी वार के कारण नए क्षेत्र की तलाश में उनके भटकने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

    ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वीटीआर प्रशासन की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टाइगर ट्रैकर और वनकर्मियों को लगाया गया है।

    वन्यजीवों के भटकने की सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम को सक्रिय किया जाता है। वहीं, वन्यजीवों के हमले में होने वाली क्षति के मामलों में नियमानुसार मुआवजा भी दिया जा रहा है। हाल के वर्षों में जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी की जा रही है।

    दो साल में बाघ व अन्य वन्य जीवों के हमले के 259 मामले

    वीटीआर प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, डिविजन संख्या एक में पिछले दो वर्षों के दौरान बाघ व अन्य वन्य जीवों के हमले से जुड़े कुल 259 मामले सामने आए हैं। इनमें छह लोगों की मौत हुई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 249 मामले मवेशियों की मौत या घायल होने से संबंधित हैं। इन सभी मामलों में कुल 95 लाख 8 हजार 122 रुपये मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है।

    तेंदुआ, भालू और गौर के हमले में भी नुकसान

    बाघ के अलावा वीटीआर के आसपास तेंदुआ, भालू, जंगली सुअर और गौर समेत अन्य वन्यजीवों के हमले से भी लोगों और पशुओं को नुकसान हुआ है। संबंधित मामलों में नियमानुसार मुआवजा दिया गया है। इसके साथ ही वन्यजीवों से फसल क्षति के 11 मामलों में भी मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है।

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    मुआवजा राशि के भुगतान के प्रकार एवं राशि

    • मनुष्य की मृत्यु या स्थाई अपंगता ----10 लाख
    • मनुष्य को गहरी चोट पर ----144000
    • मनुष्य के हल्की चोट या घायल होने पर---24000
    • गाय, भैंस, बैल की मृत्यु होने पर ----24000
    • भेड़ बकरा की मृत्यु पर ----4800
    • बकरी की मृत्यु पर ---7200
    • पक्का मकान पूर्ण रूप से नष्ट----96000
    • मिट्टी की दीवार या खपरैल घर के नष्ट होने पर ---48000
    • पक्का गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त ----48000
    • कच्चा मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त ---24000
    • साधरण रूप से क्षतिग्रस्त् मकान ---12000

    बाघ एवं अन्य वन्य प्राणियों के द्वारा जान मान की क्षति होने की स्थिति में नियमानुसार वीटीआर प्रशासन की ओर से मुआवजा राशि का भुगतान किया जाता है। प्रभावित व्यक्ति से अनुरोध किया जाता है कि क्षति होने पर निकटतम वन परिसर कार्यालय, वन प्रक्षेत्र कार्यालय, वन प्रमंडल कार्यालय से संपर्क कर मुआवजा राशि का लाभ उठा सकते हैं।
    शिखर प्रधान, उप क्षेत्र निदेशक, प्रमंडल एक, वीटीआर