पश्चिमी चंपारण में जीविका दीदियों के हाथों सिली ड्रेस पहनेंगे नौनिहाल, आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेगी नई यूनिफॉर्म
नरकटियागंज के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को जल्द ही जीविका दीदियों द्वारा तैयार की गई आकर्षक पोशाकें मिलेंगी। ...और पढ़ें
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ड्रेस तैयार करती जीविका दीदियां। जागरण

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संवाद सहयोगी, नरकटियागंज। समेकित बाल विकास परियोजना(आईसीडीएस) के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के नौनिहालों को जल्द ही आकर्षक पोशाक उपलब्ध कराए जाएंगे। इन ड्रेसों को तैयार करने की जिम्मेदारी जीविका की दीदियों को सौंपी गई है। जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त भी हो रही हैं।
प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) रितेश किशोर सहाय ने बताया कि विभाग से 28 हजार ड्रेस तैयार करने का लक्ष्य प्राप्त है। फिलहाल 14 हजार ड्रेस तैयार हो चुके हैं। जिसे आईसीडीएस को हैंडओवर कर दिया गया है। शेष ड्रेस तैयार किए जा रहे हैं।
इनकी सिलाई के लिए प्रखंड में दस सिलाई केंद्र संचालित हैं। जिसमें जीवन सीएलएफ के तहत मलदहिया, सुगौली, डुमरिया, शेरहवा, वर्षा सीएलएफ के तहत हरदीटेढ़ा, शिकारपुर, सूरज सीएलएफ के तहत सेमरी, परोराहा और नगर परिषद तथा चंपारण सीएलएफ के तहत गोखुला में सिलाई केंद्र संचालित है।
सबसे बड़ा केंद्र हरदीटेढ़ा स्थित वर्षा संकुल स्तरीय संघ में युद्धस्तर पर सिलाई का कार्य चल रहा है। बता दें कि प्रखंड में कुल 357 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, इसमें प्रत्येक केंद्र लगभग 40 बच्चे नामांकित हैं। जिन्हें यह ड्रेस उपलब्ध करवाया जाएगा।
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पांच सीएलएफ के दीदियों को मिला है प्रशिक्षण
नौनिहालों का ड्रेस तैयार करने के लिए जीविका दीदियों को सिलाई कार्य का पेशेवर प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें पांच सीएलएफ की 25 -25 जीविका दीदियां शामिल हैं। जिन सीएलएफ के जीविका दीदियों को प्रशिक्षण मिला है, उनमें हरदीटेढ़ा का वर्षा सीएलएफ, भेड़ीहरवा का चंपारण सीएलएफ, मलदहिया का जीवन सीएलएफ, धूमनगर का सूरज सीएलएफ तथा बिनवलिया का स्वराज सीएलएफ शामिल है। प्रशिक्षण के बाद ये दीदियां गुणवत्ता के साथ ड्रेस तैयार कर रही हैं।
एक सेट ड्रेस पर मिलेगा 55 रुपये
बीपीएम रितेश किशोर सहाय ने बताया कि गया जिला के भोजपुर में स्थित जानकी प्रोड्यूसर ग्रुप की ओर से कटिंग की गई ये सभी कपड़े उपलब्ध कराए गए हैं। जिनकी सिलाई सीएलएफ की जीविका दीदियों द्वारा की जा रही है। प्रत्येक ड्रेस के सेट पर सीएलएफ को 55 रूपये मिलेगा।
वहीं, सिलाई कर रही दीदियों को एक सेट यानी शर्ट - स्कर्ट तथा पैंट - शर्ट की सिलाई पर 30 से 35 रूपये मिलेंगे। इस पहल से न केवल बच्चों को नई यूनिफॉर्म मिलेगी, बल्कि स्थानीय महिलाओं के हुनर को भी एक बड़ा मंच और आय का जरिया मिला है।
जीविका की ओर से पोशाक (ड्रेस) तैयार करवाए जा रहे हैं। जिसे सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित किया जाएगा।
कुमारी श्वेता, सीडीपीओ, नरकटियागंज।