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पश्चिम चंपारण में अष्टयाम पंडाल के पास करंट से बच्ची की मौत, भाई घायल

Updated: Thu, 21 May 2026 07:54 PM (IST)

पश्चिम चंपारण के चनपटिया में अष्टयाम पंडाल के पास नंगे बिजली के तार की चपेट में आने से छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसका छोटा भाई गंभीर रूप से झुलस गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और गांव में मातम का माहौल है।

सीएचसी में परिजनों से घटना की जानकारी लेते पुलिस अधिकारी। जागरण

सीएचसी में परिजनों से घटना की जानकारी लेते पुलिस अधिकारी। जागरण

संवाद सूत्र, चनपटिया (पश्चिम चंपारण्) । बिहार में पश्चिम चंपारण के चनपटिया थाना क्षेत्र के खोरा गांव में गुरुवार की शाम दर्दनाक हादसे में छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसका छोटा भाई गंभीर रूप से झुलस गया। घटना शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।

मौके पर गई मासूम की जान

मृत बच्ची की पहचान प्रीति कुमारी (06) के रूप में हुई है। वहीं उसका भाई रवि कुमार (05) गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन दोनों बच्चों को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चनपटिया लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्रीति को मृत घोषित कर दिया।

पूजा पंडाल के पास हुआ हादसा

मृतका के चाचा पंकज कुमार ने बताया कि पड़ोसी के घर अष्टयाम पूजा का आयोजन हो रहा था। पूजा स्थल पर रोशनी के लिए नंगे बिजली के तार बिछाए गए थे। दोनों भाई-बहन अष्टयाम देखने के लिए पंडाल के पास पहुंचे थे। इसी दौरान वे करंट की चपेट में आ गए।

छोटे भाई की हालत खतरे से बाहर

घटना में झुलसे रवि कुमार का प्राथमिक उपचार सीएचसी चनपटिया में किया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) बेतिया रेफर कर दिया गया। सीएचसी चनपटिया के चिकित्सक डॉ. नसीम अख्तर ने बताया कि बच्ची को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। घायल बच्चे की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया गया है। परिजनों से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गांव में पसरा मातम

मासूम बच्ची की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने पूजा आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और खुले बिजली तारों पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।