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    बेतिया राज के ऐतिहासिक मंदिरों का होगा कायाकल्प, बिहार सरकार करेगी विकास

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 02:10 PM (IST)

    बेतिया राज के राजाओं ने बिहार और उत्तर प्रदेश में 56 मंदिरों का निर्माण कराया। वर्तमान में देखरेख के अभाव में कई मंदिर खंडहर हो रहे हैं, बिहार सरकार न ...और पढ़ें

    बेतिया राज का मंदिर। फाइल फोटो

    बेतिया राज का मंदिर। फाइल फोटो

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    जागरण संवाददाता, बेतिया। बेतिया राज के राजाओं ने बिहार और उत्तर प्रदेश में कुल 56 महत्वपूर्ण मंदिरों का निर्माण कराया था, जो उनकी धार्मिक आस्था और सूर्य उपासना के प्रतीक हैं।

    लगभग हर मंदिर में सूर्य नारायण की प्रतिमा स्थापित है। इनके निर्माण में वैदिक व तांत्रिक विधियों का प्रयोग हुआ है। 17वीं शताब्दी में निर्मित ये मंदिर राजघराने की जीवनशैली से जुड़े थे।

    वर्तमान में देखरेख के अभाव में कई मंदिर खंडहर हो रहे हैं। फिलहाल इन मंदिरों का प्रबंधन बिहार सरकार के राजस्व पर्षद के अधीन है।

    हालांकि जब बेतिया राज की परिसंपत्तियों का बिहार सरकार ने अधिग्रहण किया, तब से इन मंदिरों के कायाकल्प की उम्मीद जगी। अल्प पारिश्रमिक में जीवन काट रहे मंदिरों के पुजारी, सहायक पुजारी और टहलू भी इस उम्मीद में हैं कि सरकार की ओर से परिसंपत्तियों का अधिग्रहण होने के बाद मंदिरों की दशा दिशा बदलेगी।

    हालांकि सरकार की ओर से अधिग्रहण नियमावली पारित नहीं होने के कारण मामला अधर में लटका है। पर्यटन विशेषज्ञ डा आरके चौधरी कहते हैं कि बेतिया राज के मंदिरों की वास्तुकला अद्भुत है।

    यदि इन्हें पर्यटन के रुप में विकसित किया जाए और वीटीआर के इको टूरिज्म पैकेज से जोड़ दिया जाए तो सरकार को काफी राजस्व प्राप्त होगा।

    सिर्फ पश्चिम चंपारण में राज के 50 मंदिर

    बेतिया राज के 56 मंदिरों में से 50 मंदिर सिर्फ पश्चिम चंपारण में हैं। वाल्मीकिनगर का श्री जटाशंकर मंदिर एवं श्री कालीधाम मंदिर फिलवक्त वीटीआर के इको टूरिज्म पैकेज से जुड़ा हुआ है, जबकि बगहा के रतनमाला में बेतिया राज का श्री छठी स्थान मंदिर अवस्थित है। शेष 47 मंदिर बेतिया शहर और उसके आसपास हैं। इनमें से 35 मंदिर बेतिया शहर में हैं।

    सुगौली और छपरा में भी बेतिया राज का मंदिर

    बेतिया के राजा ने पूर्वी चंपारण के सुगौली एवं छपरा में भी मंदिर का निर्माण कराया था। श्री दुर्गा पंचायन मंदिर, सुगौली एवं श्री गोरखा मंदिर, छपरा में अवस्थित है। श्री दुर्गा पंचायन मंदिर पूर्वी चंपारण के सुगौली में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है।

    यह मंदिर दुर्गा माता को समर्पित है और यहां पंचदेव (दुर्गा, शिव, विष्णु, गणेश, सूर्य) की पूजा की परंपरा भी प्रचलित मानी जाती है।

    वहीं, श्री गोरखा मंदिर छपरा शहर का ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाला मंदिर माना जाता है। यह मंदिर गोरखा समुदाय तथा स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है।

    यूपी में बेतिया राज के चार मंदिर

    बेतिया राज द्वारा स्थापित श्री वाराणसी मंदिर धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यह मंदिर बेतिया राज परिवार की धार्मिक परंपरा और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। वाराणसी जैसे आध्यात्मिक नगरी में स्थित होने के कारण यहां बिहार सहित देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

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    वहीं, श्री प्रयाग राज मंदिर संगम नगरी प्रयागराज में स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।यह मंदिर बेतिया राज की धार्मिक परंपरा और दानशीलता का प्रतीक भी है, जबकि बेतिया राज द्वारा स्थापित श्री ब्रह्मस्थान मंदिर वाराणसी की पवित्र धरती पर स्थित है।

    यह मंदिर बेतिया राज की धार्मिक परंपरा और श्रद्धा का प्रतीक है।बेतिया राज द्वारा स्थापित श्री अयोध्या मंदिर धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व का प्रमुख केंद्र है।

    बिहार सरकार ने बेतिया राज का अधिग्रहण कर लिया है। अधिग्रहण नियमावली आने के बाद राज के परिसंपत्तियों का विकास होगा, इसमें धार्मिक आस्था के केंद्र मंदिर भी शामिल हैं। -अनिल कुमार सिंहा, प्रभारी व्यवस्थापक, बेतिया राज