आर्केस्ट्रा आगे, अर्थी पीछे... बेतिया में पिता की अंतिम विदाई का अनोखा अंदाज, वीडियो वायरल
बेतिया में एक बुजुर्ग की अंतिम यात्रा ढोल-नगाड़ों और आर्केस्ट्रा के साथ निकाली गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। परिवार ने मृतक की अंति ...और पढ़ें
HighLights
बेतिया में बुजुर्ग की अंतिम यात्रा में आर्केस्ट्रा बजा।
मृतक की अंतिम इच्छा पर परिवार ने अनोखी विदाई दी।
वीडियो वायरल होने पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई।
जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। आमतौर पर किसी अपने के जाने पर घर से निकलने वाली अंतिम यात्रा में मातम और सन्नाटा होता है। नम आंखों के साथ स्वजन और परिचित मृतक को अंतिम विदाई देते हैं।
मगर नौतन प्रखंड के डबरिया मकरीटोला में एक बुजुर्ग की अंतिम यात्रा का दृश्य देखकर लोग हैरान रह गए। यहां अर्थी के आगे ढोल-नगाड़े बज रहे थे और आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति के साथ डांस हो रहा था। गाजे-बाजे के बीच निकली इस अनोखी शवयात्रा का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
अंतिम यात्रा में बदला नजारा
डबरिया मकरीटोला निवासी बुजुर्ग छठु पटेल के निधन के बाद स्वजन ने उनकी अंतिम यात्रा को कुछ अलग अंदाज में निकालने का निर्णय लिया। अर्थी को लेकर लोग आगे बढ़ रहे थे, जबकि उसके साथ ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे की धुन पर आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति चल रही थी। डांस भी किया जा रहा था। अंतिम यात्रा को देखने के लिए रास्ते में लोगों की भीड़ जुट गई।
पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने का दावा
मृतक के पुत्र मुकेश पटेल ने बताया कि उनके पिता की इच्छा थी कि उनकी अंतिम विदाई का माहौल केवल गमगीन न हो। वह चाहते थे कि अंतिम यात्रा कुछ अलग और यादगार तरीके से निकले। पिता की इसी इच्छा को पूरा करने के लिए परिवार ने ढोल-नगाड़ों और आर्केस्ट्रा के साथ उन्हें अंतिम विदाई देने का निर्णय लिया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
अंतिम यात्रा के दौरान आर्केस्ट्रा और डांस का किसी ने वीडियो बना लिया। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में इस अनोखी शवयात्रा को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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किसी ने सराहा, किसी ने उठाए सवाल
अनोखी अंतिम यात्रा को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग इसे मृतक की इच्छा का सम्मान बता रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसे गंभीर अवसर पर इस तरह का आयोजन उचित नहीं है।
हालांकि, मृतक के स्वजन का कहना है कि उन्होंने यह आयोजन किसी दिखावे के लिए नहीं, बल्कि छठु पटेल की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए किया।