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    बिहार में फिर 'अरबपति' बना एक व्यक्ति, मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर के बाद अब पश्चिम चंपारण में खाते में दिखे 7.59 अरब

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 08:10 PM (IST)

    पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग के खाते में 1100 रुपये पेंशन निकालते समय अचानक 7.59 अरब रुपये दिखने से हड़कंप मच गया। बिहार में म ...और पढ़ें

    पश्चिम चंपारण के बदरी देवान, समस्तीपुर के भरत ईश्वर और मुजफ्फरपुर के कामेश्वर मिश्र।

    पश्चिम चंपारण के बदरी देवान, समस्तीपुर के भरत ईश्वर और मुजफ्फरपुर के कामेश्वर मिश्र।

    HighLights

    1. नरकटियागंज में बुजुर्ग के खाते में दिखे 7.59 अरब रुपये।

    2. 1100 रुपये पेंशन निकालने गए थे बदरी देवान।

    3. मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर के बाद बिहार में तीसरा ऐसा मामला।

    जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण)। बिहार में बैंक खातों में अचानक अरबों रुपये का बैलेंस दिखने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पहले मुजफ्फरपुर और फिर समस्तीपुर में ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए थे।

    अब पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से भी ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां 1100 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन निकालने पहुंचे एक 65 वर्षीय बुजुर्ग के खाते में अचानक 7 अरब 59 करोड़ 69 लाख 51 हजार 951 रुपये का बैलेंस दिखाई देने लगा। इस घटना से बुजुर्ग, सीएसपी संचालक और ग्रामीण सभी हैरान रह गए।

    1100 रुपये निकाले, रसीद में दिख गए अरबों रुपये

    मामला नरकटियागंज प्रखंड की मनवा परसी पंचायत के सीतापुर गांव का है। गांव के बदरी देवान अपनी वृद्धावस्था पेंशन के 1100 रुपये निकालने के लिए विशुपुरवा स्थित ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) पहुंचे थे। लेन-देन पूरा होने के बाद जब उन्हें ट्रांजेक्शन रसीद मिली तो उसमें खाते का शेष बैलेंस देखकर सभी के होश उड़ गए। रसीद में उनके खाते में 7,59,69,51,951 रुपये उपलब्ध होने की जानकारी दर्ज थी।

    बैलेंस दिखने के बाद बंद हो गया लेन-देन

    बदरी देवान ने बताया कि इस घटना के बाद उनके खाते से किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं हो पा रहा है। खाते की स्थिति को लेकर वे खुद भी असमंजस में हैं। घटना की सूचना फैलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और हर कोई इस अनोखे बैंक बैलेंस की चर्चा करने लगा।

    प्रशासन ने कहा-होगी जांच

    नरकटियागंज के बीडीओ सूरज कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें फिलहाल इस मामले की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा मामला सामने आया है तो इसकी जांच कराई जाएगी और बैंक से भी जानकारी ली जाएगी।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

    बिहार में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले समस्तीपुर के सरायरंजन प्रखंड के गावपुर गांव निवासी 80 वर्षीय भरत ईश्वर वृद्धावस्था पेंशन के 1100 रुपये निकालने सीएसपी पहुंचे थे। ट्रांजेक्शन रसीद में उनके खाते में 740 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई दी थी।

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    इसी तरह मुजफ्फरपुर में भी बुजुर्ग कामेश्वर मिश्र के खाते में पेंशन निकालने के दौरान अचानक करीब 7.5 अरब रुपये का बैलेंस दिखने से हड़कंप मच गया था।

    बैंकिंग सिस्टम पर उठ रहे सवाल

    लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने बैंकिंग सिस्टम और तकनीकी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामले अक्सर तकनीकी गड़बड़ी, सर्वर त्रुटि या डेटा सिंक्रोनाइजेशन की समस्या के कारण हो सकते हैं। वास्तविक राशि खाताधारक के उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं होती।

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