यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नकारात्मक विचारों से ही मन में उत्पन्न होता है तनाव
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सिमराही बाजार के तत्वावधान में मंगलवार को ॐ शांति केंद्र पर रामनगीना भगत की पत्नी सुशीला देवी के निधन पर ...और पढ़ें

सुपौल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सिमराही बाजार के तत्वावधान में मंगलवार को ॐ शांति केंद्र पर रामनगीना भगत की पत्नी सुशीला देवी के निधन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। मौके पर नेपाल एवं तराई क्षेत्र के प्रभारी राजयोगिनी भगवती दीदी ने कहा कि मन में चलने वाले लगातार नकारात्मक विचार वर्तमान में अनेक समस्याओं का कारण बनते हैं। मन के नकारात्मक विचारों से ही तनाव उत्पन्न होता है। तनाव से मुक्ति के लिए सकारात्मक विचारों का आवश्यकता है। सकारात्मक रहने से हर समस्या का समाधान निकलता है। विपरीत परिस्थिति में भी बुराई में भी अच्छाई देखने का प्रयास करने से मन पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मन में चलने वाले विचारों से ही स्मृति, वृत्ति, भावना, ²ष्टिकोण एवं व्यवहार बनता है। अगर मन के विचार नकारात्मक होंगे तो स्मृति, ²ष्टि, वृत्ति, भावना, व्यवहार भी नकारात्मक बनता है जिससे तनाव पैदा होता है। मन के विचार ही वास्तव में बीज है। राजयोगिनी रंजू दीदी ने सकारात्मक विचारों को तनाव मुक्ति की संजीवनी बूटी बताते हुए कहा कि मन के विचारों को बदलने से ही परिस्थितियां बदलती हुई नजर आती है। उन्होंने बताया कि मन में चलने वाले नकारात्मक विचारों के कारण ही तनाव पैदा होता है। जिस कारण दिमाग गरम हो जाता है और बीमारियां होती है। उन्होंने बताया की स्वयं की रक्षा करने वाला ही देश का रक्षा कर सकता है। सकारात्मक विचारों का स्रोत आध्यात्मिकता है। अपने आपको यथार्थ जानना, पिता परमात्मा को जानना और अपने उद्देश्य को जानना ही वास्तव में आध्यात्मिकता है। उन्होंने बताया वर्तमान समय स्वयं को सकारात्मक बनाने की जरूरत है। श्रद्धांजलि के क्रम में राजयोगिनी रंजु दीदी, वरिष्ठ भ्राता दीपकभाईजी, नीरा दीदी, कौशिल्या दीदी, बबीता दीदी, सेंट्रल बैंक मैनेजर सचिन कुमार सिंह, ब्रह्माकुमार किशोरभाई, प्रो. बैद्यनाथ प्रसाद भगत, रामनगीना भगत, खुशबू बहन, पूजा बहन, संगम बहन आदि मौजूद थे।