सीतामढ़ी में पुलिस और बदमाशों में हुई मुठभेड़, तीन अपराधी हुए जख्मी
सीतामढ़ी के रीगा थाना क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान थानाध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी बाल-बाल बचे, जबकि सुनील कुशवाहा सहित तीन अपराधी घायल हो गए।
HighLights
रीगा थाना क्षेत्र में पुलिस-अपराधी मुठभेड़ हुई।
थानाध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी बाल-बाल बच गए।
सुनील कुशवाहा सहित तीन अपराधी जख्मी हुए।
सुमित कुमार, सीतामढ़ी। जिले के रीगा थाना क्षेत्र के रेवासी आम गाछी के समीप बुधवार की अहले सुबह पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहे बाइक सवार तीन बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने करीब 10 से 11 राउंड गोलियां चलाईं।
इसमें तीनों बदमाशों को पैर में एक-एक गोली लगी और वे घायल होकर मौके पर गिर पड़े। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां इलाज कर रहे डॉक्टर ने गंभीर स्थिति को देखते हुए मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच रेफर कर दिया है।
घायल बदमाशों की पहचान रीगा थाना क्षेत्र के रमनगरा गांव निवासी सुनील कुशवाहा, बेलसंड निवासी मणि कुमार और गाढ़ा थाना क्षेत्र के इंदल कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सुनील कुशवाहा दिनेश यादव हत्याकांड में आरोपित है और पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था। तीनों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
बिना नंबर की बाइक से आ रहे थे तीनों
पुलिस के अनुसार, रीगा थानाध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी को सूचना मिली थी कि बिना नंबर प्लेट की सुपर स्प्लेंडर बाइक से तीन संदिग्ध बेलसंड की तरफ से रीगा की ओर आ रहे हैं। थानाध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी ने इसकी सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को दी।
इसके बाद डीआईयू और एसआइटी की टीम को अलर्ट कर दिया गया। पुलिस टीम ने रेवासी आम गाछी के समीप बाइक सवार तीन संदिग्धों को देखा। पुलिस को देखते ही तीनों बाइक घुमाकर भागने लगे। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
15 से 20 राउंड फायरिंग का दावा
पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने करीब 15 से 20 राउंड गोलियां चलाईं। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की और करीब 10 से 11 राउंड फायरिंग की।इस दौरान तीनों बदमाशों को गोली लगी। वहीं बदमाशों ने रीगा थाने की गाड़ी को छलनी छलनी कर दिया। गोली लगते ही तीनों मौके पर गिर पड़े, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
तीन पिस्टल और आठ सौ कारतूस बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने बदमाशों के पास से तीन पिस्टल और बैग से करीब आठ सौ कारतूस बरामद किए। पुलिस को आशंका है कि बरामद तीन पिस्टलों में से दो का इस्तेमाल दिनेश यादव हत्याकांड में किया गया था। पुलिस बरामद हथियारों की जांच के साथ ही यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों बदमाश किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं या नहीं।
पुलिस को यह भी शंका है कि वे लोग किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में घुम रहें थे।घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस तीनों आरोपितों के आपराधिक इतिहास और पूर्व में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है। मुठभेड़ के बाद इलाके में पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है।
