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    राबड़ी देवी के चैलेंज पर CM सम्राट का अटैक; नीतीश का नाम लेकर बोले- कुछ लोग अपनी बपौती समझते

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 01:24 PM (IST)

    बिहार में राबड़ी देवी के सरकारी आवास विवाद पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी बंगला किसी की निजी संपत्ति नहीं ...और पढ़ें

    शेखपुरा में जनसभा को संबोध‍ित करते सीएम सम्राट चौधरी। वीडियो ग्रैब

    शेखपुरा में जनसभा को संबोध‍ित करते सीएम सम्राट चौधरी। वीडियो ग्रैब

    HighLights

    1. सीएम सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी पर साधा निशाना।

    2. सरकारी आवास को निजी संपत्ति न समझने की बात कही।

    3. नीतीश कुमार का उदाहरण देकर राजनीतिक शुचिता समझाई।

    डिजिटल डेस्क, शेखपुरा/पटना। बिहार की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर छिड़ा विवाद अब और गरमा गया है।

    एक ओर राबड़ी देवी ने साफ संकेत दिया है कि वह सरकारी आवास खाली नहीं करेंगी, वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुद्दे पर तीखा पलटवार किया है।

    उन्‍होंने कहा कि सरकारी बंगला किसी की निजी संपत्ति नहीं है। मंगलवार को शेखपुरा में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधा।

    उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं की पूरी राजनीति सरकारी आवास बचाने तक सीमित हो गई है, जबकि सरकार का दायित्व जनता की सेवा करना है।

    'बेटे को अलग घर चाहिए, माता जी को अलग'

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को सिर्फ अपने घर की चिंता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "बेटे को अलग घर चाहिए, माता जी को अलग घर चाहिए और जनता को छोड़ दिया गया है।"

    सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पद संभाले, लेकिन कभी सरकारी आवास को लेकर मोह नहीं रखा।

    उन्होंने कहा, '2016 से 2026 के बीच मैं कई बार मंत्री बना, उपमुख्यमंत्री बना, गृहमंत्री बना, लेकिन ज्यादातर समय अपने निजी आवास में रहा।  

    1999 में पहली बार मंत्री बनने से लेकर अबतक 11वां आवास है। उनमें केवल तीन में रहा, शेष में कार्यालय के काम निपटाए। 

    नीतीश कुमार का उदाहरण देकर साधा निशाना

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजनीतिक शुचिता का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार ने बिना किसी नोटिस के सरकारी आवास खाली कर दिया।

    सम्राट चौधरी ने कहा, '15 अप्रैल को मैंने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली और एक मई तक नीतीश कुमार ने आवास खाली कर दिया। यह लोकतांत्रिक परंपरा और राजनीतिक शुचिता का उदाहरण है।'

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास संभालने के बाद उन्होंने सबसे पहले निर्देश दिया कि इसे 'लोकसेवक आवास' के रूप में चिन्हित किया जाए, ताकि यह संदेश जाए कि यह जनता की सेवा का केंद्र है।'

    '24 घंटे में झोला उठाकर घर चला जाऊंगा'

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में पद स्थायी नहीं होते। उन्होंने दावा किया कि जिस दिन पार्टी और नेतृत्व उन्हें जिम्मेदारी से मुक्त करेगा, वह 24 घंटे के भीतर सरकारी आवास छोड़कर अपने निजी घर लौट जाएंगे।

    उन्होंने कहा, 'हम अपने कल्याण के लिए राजनीति में नहीं आए हैं। हमारा लक्ष्य जनता की सेवा और बिहार का विकास है। जनता का कल्‍याण करना है।'

    कानून-व्यवस्था पर भी दिया सख्त संदेश

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी विपक्ष को जवाब देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

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    सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि कोई अपराधी सरकार और पुलिस को चुनौती देगा तो उसे 48 घंटे के भीतर जवाब मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता।

    मुख्यमंत्री ने कहा, 'कुछ लोग अपराध पर भी जातीय और राजनीतिक चश्मे से देखने लगते हैं, जबकि अपराधी सिर्फ अपराधी होता है। कानून सबके लिए समान है।'

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