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    वन्यजीवों से नुकसान हुआ तो ब‍िहार सरकार देगी आर्थिक मदद, मानव क्षति पर 10 लाख तक का प्रावधान

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 11:22 AM (GMT+05:30)

    सारण जिले में वन्यजीवों से फसल, मानव, पशुधन और मकान को होने वाले नुकसान पर अब आर्थिक सहायता मिलेगी। वन विभाग लोगों को इस योजना के प्रति जागरूक कर रहा ...और पढ़ें

    जंगली जानवरों से क्षत‍ि पर म‍िलेगा मुआवजा।

    जंगली जानवरों से क्षत‍ि पर म‍िलेगा मुआवजा।

    अमृतेश, छपरा। सारण जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नीलगाय और जंगली सूअर से फसलों को हो रहे नुकसान के बीच किसानों के लिए राहत की खबर है।

    पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने वन्यजीवों के कारण होने वाली फसल, मानव, पशुधन और मकान क्षति पर आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था लागू कर रखी है।

    सारण वन प्रमंडल की ओर से लोगों को इस योजना के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया गया है, ताकि प्रभावित परिवार समय पर दावा प्रस्तुत कर सरकारी सहायता प्राप्त कर सकें।

    मानव क्षति पर 10 लाख रुपये तक सहायता

    वन विभाग के अनुसार बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, गौर, जंगली सूअर, लकड़बग्घा, सियार, भेड़िया, गैंडा, जंगली कुत्ता, मगरमच्छ और घड़ियाल जैसे वन्यजीवों के हमले में किसी व्यक्ति की मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता होने पर 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

    गंभीर चोट लगने पर 1.44 लाख रुपये तथा हल्की चोट लगने पर 24 हजार रुपये सहायता का प्रावधान है।

    पशुधन और मकान क्षति पर भी मिलेगी सहायता

    वन्यजीवों के हमले में भैंस, गाय या बैल की मृत्यु होने पर 24 हजार रुपये, बकरी की मृत्यु पर 7,200 रुपये तथा भेड़ या बकरे की मृत्यु पर 4,800 रुपये सहायता दी जाएगी।

    वहीं, हाथी, गौर अथवा गैंडे द्वारा मकान क्षतिग्रस्त किए जाने पर भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है। पक्का मकान पूरी तरह नष्ट होने पर 96 हजार रुपये तथा कच्चा मकान पूरी तरह नष्ट होने पर 48 हजार रुपये दिए जाएंगे। गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी अलग-अलग दरें निर्धारित हैं।

    फसल क्षति पर प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये

    वन विभाग के अनुसार हाथी, नीलगाय और जंगली सूअर से फसल नष्ट होने पर किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये तक सहायता राशि मिलेगी।

    इसके लिए फसल क्षति का सत्यापन किया जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा स्वीकार किए जाने के बाद सहायता राशि दी जाएगी।

    मुखिया को मिला विशेष अधिकार

    गैर-वन क्षेत्रों में नीलगाय और जंगली सूअर से होने वाली व्यापक क्षति को देखते हुए ग्राम पंचायतों के मुखिया को विशेष अधिकार दिए गए हैं।

    किसानों के लिखित आवेदन पर वन अधिकारियों की मौजूदगी में स्थल निरीक्षण किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित नियमों के तहत अधिकृत निशानेबाजों के माध्यम से नीलगाय और जंगली सूअर के आखेट की अनुमति दी जा सकेगी।

    वन प्रमंडल पदाधिकारी ने लोगों से वन्यजीवों के कारण होने वाली किसी भी क्षति की सूचना तत्काल विभाग को देने की अपील की है।

    वन्यजीवों से क्षति पर मिलने वाली सहायता राशि

    मानव क्षति

           क्षति का प्रकार - सहायता राशि

    • मनुष्य की मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता 10,00,000 रुपये
    • मनुष्य को गंभीर चोट 1,44,000 रुपये
    • मनुष्य को हल्की चोट 24,000 रुपये

    पशुधन की क्षति

    • भैंस, गाय, बैल की मृत्यु 24,000 रुपये
    • बकरी की मृत्यु 7,200 रुपये
    • भेड़/बकरे की मृत्यु 4,800 रुपये

    मकान क्षति

    • पक्का मकान पूर्ण रूप से नष्ट 96,000 रुपये
    • कच्चा मकान पूर्ण रूप से नष्ट 48,000 रुपये
    • पक्का मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त 48,000 रुपये
    • कच्चा मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त 24,000 रुपये
    • साधारण रूप से क्षतिग्रस्त मकान 12,000 रुपये

    फसल क्षति

    खबरें और भी

    • हाथी, नीलगाय एवं जंगली सूअर से फसल नष्ट होने पर 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर

    किन वन्यजीवों से क्षति पर मिलेगा लाभ

    • मानव क्षति: बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, गौर, जंगली सूअर, लकड़बग्घा, सियार, भेड़िया, गैंडा, जंगली कुत्ता, मगरमच्छ एवं घड़ियाल।
    • फसल क्षति: हाथी, नीलगाय (घोड़परास) एवं जंगली सूअर।

    सहायता के लिए जरूरी दस्तावेज

    पशुधन क्षति पर सहायता के लिए :

    • आवेदन पत्र
    • आधार कार्ड की प्रति
    • बैंक पासबुक की छायाप्रति
    • पशु स्वामित्व का प्रमाण
    • पशु चिकित्सक की जांच/पोस्टमार्टम रिपोर्ट
    • संबंधित अधिकारी की सत्यापन रिपोर्ट

    मकान क्षति पर सहायता के लिए :

    • आवेदन पत्र
    • आधार कार्ड की प्रति
    • बैंक पासबुक की छायाप्रति
    • मकान स्वामित्व संबंधी दस्तावेज
    • क्षतिग्रस्त मकान की तस्वीरें
    • राजस्व/प्रशासनिक अधिकारी की जांच रिपोर्ट

    फसल क्षति पर सहायता के लिए :

    • आवेदन पत्र
    • आधार कार्ड की प्रति
    • बैंक पासबुक की छायाप्रति
    • भूमि संबंधी दस्तावेज
    • फसल क्षति की तस्वीरें
    • कृषि या राजस्व कर्मी की सत्यापन रिपोर्ट
    • संबंधित अधिकारी की जांच रिपोर्ट