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    सारण: मृत लाभुक के नाम पर उठा ली पीएम आवास योजना की पूरी राशि, धरातल पर मकान गायब; जांच शुरू

    Updated: Mon, 18 May 2026 01:29 PM (IST)

    सारण के मांझी प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी अनियमितता सामने आई है। एक मृत महिला के नाम पर योजना की पूरी राशि निकाल ली गई, जबकि मौके पर क ...और पढ़ें

    एआई जेनरेटेड तस्वीर

    एआई जेनरेटेड तस्वीर

    HighLights

    1. मृत लाभुक के नाम पर पीएम आवास योजना राशि निकाली।

    2. सारण के भरवलिया गांव में मकान का निर्माण नहीं हुआ।

    3. अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

    संवाद सहयोगी, दाउदपुर (सारण)। मांझी प्रखंड के मदनसाठ पंचायत अंतर्गत भरवलिया गांव के बड़कीबागी वार्ड संख्या 10 में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। 

    आरोप है कि मृत लाभुक के नाम पर योजना की पूरी राशि निकाल ली गई, जबकि धरातल पर आवास का निर्माण नहीं हुआ। मामले को लेकर ग्रामीणों में चर्चा का माहौल है और जांच की मांग उठ रही है।

    मौत के बाद तीन किस्तों की राशि निकाली

    जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या 10 निवासी शिवप्रशन साह की पत्नी धनेशरा देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ स्वीकृत हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि धनेशरा देवी का निधन करीब एक वर्ष पूर्व हो चुका है, जबकि उनके पति शिवप्रशन साह की मृत्यु अक्टूबर 2024 में हुई थी। दंपती की कोई संतान भी नहीं थी। 

    इसके बावजूद योजना की तीनों किस्त की राशि निकासी हो जाने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर राशि किसके द्वारा और किस प्रक्रिया के तहत निकाली गई। वह राशि आखिर कहां गई। इस राशि का कहीं उपयोग भी नही दिख रहा है, क्योंकि मकान बना ही नही है।

    रदर्शिता पर खड़े हो रहे हैं सवाल 

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाभुक की मृत्यु के बाद भी कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि का भुगतान कर दिया गया, जबकि मौके पर मकान निर्माण का कोई कार्य नहीं हुआ है। इससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 

    मामले में पूछे जाने पर आवास सहायक मणिभूषण ने बताया कि यह योजना उनके कार्यकाल से पहले वर्ष 2019-20 में स्वीकृत हुई थी। कोरोना काल के कारण राशि आवंटन में देरी हुई थी। उन्होंने राशि निकासी संबंधी जानकारी होने से इनकार किया। वहीं प्रखंड सुपरवाइजर मनीष कुमार ने भी मामले को जांच का विषय बताते हुए कहा कि बिना निर्माण राशि निकासी गंभीर मामला है।

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    इस संबंध में मांझी प्रखंड विकास पदाधिकारी उपेंद्र दास ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। इस मामले पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।