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    छपरा-सिवान और गोपालगंज के स्कूलों में नई व्यवस्था, शिक्षकों को रोज तैयार करने होंगे 4 पेज के नोट्स

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 02:46 PM (IST)

    सारण प्रमंडल के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नया प्लान लागू किया गया है। शिक्षकों को प्रतिदिन प्रश्नोत्तरी आधारित सामग्री तैया ...और पढ़ें

    सारण प्रमंडल के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई सुधारने का नया प्लान, शिक्षकों को बनानी होगी प्रश्नोत्तरी (AI Generated Image)

    सारण प्रमंडल के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई सुधारने का नया प्लान, शिक्षकों को बनानी होगी प्रश्नोत्तरी (AI Generated Image)

    HighLights

    1. शिक्षकों को प्रतिदिन प्रश्नोत्तरी आधारित अध्यापन सामग्री बनानी होगी।

    2. मासिक परीक्षाएं होंगी और उत्कृष्ट शिक्षकों-छात्रों को सम्मान मिलेगा।

    3. रिक्त पदों वाले स्कूलों में वीडियो लेक्चर पहुंचाए जाएंगे।

    जागरण संवाददाता छपरा। सारण, सिवान और गोपालगंज के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अब पठन-पाठन की गुणवत्ता को लेकर व्यापक निगरानी होगी। शिक्षकों को प्रतिदिन कम से कम चार पृष्ठ की प्रश्नोत्तरी आधारित अध्यापन सामग्री तैयार करनी होगी, जबकि प्रधानाध्यापक उनके कार्यों का नियमित मूल्यांकन करेंगे।

    सारण प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक संजय कुमार की अध्यक्षता में तीनों जिलों के प्रधानाध्यापकों के साथ हुई समीक्षात्मक बैठकों में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

    अध्यापन सामग्री बनेगी गुणवत्ता की कसौटी:

    बैठक में कहा गया कि विद्यालयों में शिक्षकों को प्रतिदिन औसतन तीन से चार कक्षाएं ही आवंटित होती हैं। ऐसे में शेष समय का उपयोग अगले दिन की पढ़ाई की तैयारी में किया जाए।

    सभी शिक्षकों को प्रश्नोत्तरी आधारित अध्यापन सामग्री तैयार करनी होगी, जिसका शिक्षकवार फोल्डर विद्यालयों में संधारित किया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी इन सामग्रियों का मूल्यांकन कर प्रत्येक माह 10 उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन करेंगे।

    शिक्षक दिवस पर सम्मान, मासिक परीक्षा अनिवार्य:

    सारण, सिवान और गोपालगंज से चयनित श्रेष्ठ शिक्षकों की अध्यापन सामग्री दो सितंबर तक क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक कार्यालय को भेजी जाएगी। शिक्षक दिवस पर प्रमंडल स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।

    वहीं, विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि तैयार की गई अध्यापन सामग्री के आधार पर हर माह परीक्षा आयोजित की जाए तथा प्रत्येक कक्षा के पांच श्रेष्ठ विद्यार्थियों को अभिभावकों की उपस्थिति में सम्मानित किया जाए।

    रिक्त पदों वाले विद्यालयों तक पहुंचेगा वीडियो लेक्चर:

    गणित, भौतिकी, रसायनशास्त्र, जीव विज्ञान, अंग्रेजी, जन्तु विज्ञान, मनोविज्ञान एवं गृह विज्ञान विषयों के चयनित शिक्षकों से कक्षा शिक्षण की वीडियो रिकार्डिंग तैयार कराई जाएगी।

    इन वीडियो को उन विद्यालयों तक पहुंचाया जाएगा जहां संबंधित विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

    फर्जी उपस्थिति, अवैध वसूली और निर्माण कार्य पर सख्ती:

    बैठक में शिक्षकों द्वारा फोटो के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल जिला शिक्षा पदाधिकारी को देने का निर्देश दिया गया है।

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    साथ ही छात्रों से प्रमाण-पत्र या पंजीयन कार्य के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। विद्यालयों में किसी भी निर्माण कार्य से पहले प्राक्कलन प्राप्त कर जिला शिक्षा पदाधिकारी की जानकारी में मामला लाना अनिवार्य किया गया है।

    भवन, वित्तीय प्रभार और सफाई व्यवस्था की होगी जांच:

    समीक्षा के दौरान कई विद्यालयों में भवन जर्जर होने, छत से पानी टपकने, चहारदीवारी नहीं होने, वित्तीय प्रभार लंबित रहने तथा विद्यालय की राशि जमा नहीं किए जाने जैसे मामलों को गंभीर माना गया। संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारियों को त्वरित जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

    वहीं, विद्यालयों में सफाई एजेंसियों की लापरवाही और बिना कार्य उपस्थिति बनाने के दबाव की शिकायतों पर भी रिपोर्ट तलब की गई है। बैठक में शिक्षकों के बकाया वेतन, विषयवार शिक्षकों की कमी और सरप्लस शिक्षकों की समस्या के समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया।