बिहार की तस्कर मैडम का भौकाल, नई दिल्ली से समस्तीपुर एसी फर्स्ट में बिना टिकट 75 लीटर शराब लेकर पहुंची
Neha Jha Liquor Case: स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास में 75 लीटर शराब के साथ एक युवती और ...और पढ़ें

आरोपी नेहा कुमारी उर्फ नेहा झा। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Bihar Liquor Smuggling: स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कोच से 75 लीटर विदेशी शराब के साथ पकड़ी गई युवती और उसके जीजा को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
रेल पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी नेहा कुमारी उर्फ नेहा झा के पास यात्रा का कोई वैध टिकट तक नहीं था। गाड़ी संख्या 12562 के एच वन कोच के कूप संख्या सात में वह अपने जीजा ईशान कुमार के साथ नई दिल्ली से समस्तीपुर तक का सफर तय कर चुकी थी।
अंदर से बंद था कूप
कार्रवाई से पहले वाराणसी रेल मंडल से समस्तीपुर कंट्रोल को सूचना मिली थी कि वीआईपी कूपे में शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है।
जंक्शन पर ट्रेन रुकते ही आरपीएफ, जीआरपी और सीआईबी की संयुक्त टीम ने जब कूपे का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कुंडी बंद मिली।

दरवाजा खुलवाने पर युवती ने पुलिसकर्मियों से तीखी बहस शुरू कर दी, जिसके बाद पूरी वीडियोग्राफी कराते हुए तलाशी ली गई और भारी मात्रा में शराब बरामद हुई।
वैवाहिक कार्यक्रम का बहाना
कड़ाई से हुई पूछताछ में नेहा ने पुलिस को बताया कि घर में शादी का आयोजन होना है, जिसके लिए हरियाणा से शराब लाई जा रही थी। हालांकि पुलिस इस दलील को पूरी तरह मनगढ़ंत मान रही है और डिलीवरी नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है।
दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर कॉल डिटेल रिकॉर्ड और वाट्सएप चैट खंगाले जा रहे हैं ताकि स्थानीय रिसीवर का पता लगाया जा सके।
पूरे परिवार का आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी उजागर हुआ है कि आरोपी युवती के परिवार का पुराना नाता शराब के अवैध धंधे से रहा है। सिंघिया थाना क्षेत्र के बारी गांव निवासी उसके किसान पिता संजय कुमार झा को करीब दो साल पहले स्थानीय पुलिस ने शराब मामले में जेल भेजा था।
यही नहीं, नेहा की बहन निशु झा को भी दरभंगा उत्पाद विभाग ने 30 नवंबर 2025 को 21 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया था।
ग्रेजुएट युवती की गलत राह
दरभंगा के केएस कॉलेज से स्नातक पास नेहा चार बहनों में सबसे छोटी है और उसकी बड़ी बहन के पति ईशान कुमार इस खेल में बराबर के साझीदार हैं।
परिवार के दो भाइयों में से एक जहां मैट्रिक में पढ़ रहा है, वहीं दूसरा नीट में असफल होने के बाद नशे की लत का शिकार हो चुका है। उसका मुजफ्फरपुर के नशामुक्ति केंद्र में लंबे समय तक इलाज भी कराया गया था।
जांच एजेंसियों की कड़ी नजर
रेल पुलिस और आरपीएफ अब इस बात की कड़ियां जोड़ने में जुटी है कि हरियाणा से शराब की खेप किसके इशारे पर खरीदी गई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि सुरक्षा जांच और पुलिस की नजरों से बचने के लिए जानबूझकर महंगे एसी फर्स्ट क्लास कोच का चयन किया गया था।
इस हाई-प्रोफाइल सिंडिकेट से जुड़े अन्य तस्करों और स्थानीय सरगनाओं को दबोचने के लिए पुलिस की तकनीकी टीम लगातार दबिश दे रही है।
