समस्तीपुर में 29 दिन तक तलाश, फिर 12 फीट नीचे मिला शव... आखिर ईशांत को किसने और क्यों मारा?
समस्तीपुर में 29 दिन से लापता नौवीं के छात्र ईशांत उर्फ छोटू का शव कलना चौर में 12 फीट गहरे गड्ढे से बरामद हुआ है। आरोपी की निशानदेही पर हुई खुदाई के ...और पढ़ें

मृत बालक की फाइल फोटो व घटना स्थल पर पहुंचे पुलिस पदाधिकारी।
HighLights
समस्तीपुर में 29 दिन बाद मिला लापता छात्र का शव।
नौवीं के छात्र ईशांत उर्फ छोटू को गड्ढे में दफनाया था।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद किया।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर । करीब एक महीने से जिस बेटे की सकुशल वापसी की उम्मीद में एक परिवार हर दिन दरवाजे पर निगाहें टिकाए बैठा था, बुधवार की मध्य रात्रि वह उम्मीद हमेशा के लिए मिट्टी में दफन मिली।
विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बंगराहा पंचायत से 10 जून की शाम रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए 14 वर्षीय छात्र ईशांत कुमार उर्फ छोटू का शव पुलिस ने थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव स्थित कलना चौर से करीब बारह फीट गहरे गड्ढे से बरामद किया।
शव बरामद होते ही पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया। शव बरामदगी के दौरान घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम थीं और स्वजनों की चीख-पुकार सुन हर कोई भावुक हो उठा।
आरोपित की निशानदेही पर रातभर चली खुदाई
आत्मसमर्पण कर चुके आरोपी आनंदी सिंह को पुलिस ने रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर वरीय पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल बुधवार की रात कलना चौर पहुंचा।
जेसीबी मशीन से करीब बारह फीट गहरे गड्ढे की खुदाई कराई गई। कुछ देर बाद मिट्टी के भीतर से छात्र का शव प्लास्टिक के चादरों से लिपटा बरामद हुआ।
शव बाहर निकलते ही मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को सुनसान खेत में गहरे गड्ढे में दफना दिया गया था, ताकि घटना का कभी खुलासा न हो सके।
दोस्तों के बुलावे पर निकला था घर से
बंगराहा निवासी किसान रामप्रीत राय के पुत्र ईशांत कुमार उर्फ छोटू, उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बंगराहा में नौवीं कक्षा का छात्र था। 10 जून की देर शाम वह दोस्तों के बुलावे पर घर से निकला था।
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रात तक वापस नहीं लौटने पर स्वजनों ने खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद थाने में मामले की सूचना दी गई। दिन बीतते गए, लेकिन छोटू का कोई पता नहीं चला। परिवार की बेचैनी बढ़ती गई और गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
सड़क पर उतरा था गांव, एसपी ने संभाली थी कमान
घटना से नाराज ग्रामीणों ने 12 जून को बंगराहा चौक जाम कर उग्र प्रदर्शन किया था। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्र की शीघ्र बरामदगी की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह स्वयं 19 जून को घटनास्थल पहुंचे थे। उन्होंने स्वजनों से मुलाकात कर जल्द खुलासा करने का भरोसा दिया था तथा विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू कराई थी। खोजी कुत्तों को भी घटनास्थल पर लाया गया था।
एफएसएल टीम ने जुटाए अहम साक्ष्य
शव बरामद होने के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए।
इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। मौके पर थानाध्यक्ष सूरज कुमार, अनुसंधानकर्ता सलीम रजा सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
चीख से गूंज उठा गांव
जैसे ही ईशांत का शव मिलने की सूचना परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। पिता रामप्रीत राय, मां अभिलाषा देवी, बड़े भाई प्रशांत राय और छोटी बहन किरण कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
जिस मां ने 29 दिनों तक बेटे की वापसी के लिए दुआएं मांगी थीं, वह बेटे का शव देखकर बेसुध हो गई। गांव की महिलाओं की आंखें नम थीं और हर जुबान पर एक ही सवाल आखिर इस मासूम का कसूर क्या था?
पुलिस अब हत्या के पूरे षड्यंत्र की कड़ियां जोड़ने में जुटी
शव की बरामदगी के बाद पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका और हत्या के कारणों की गहराई से जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का जल्द विस्तृत खुलासा किया जाएगा। यदि इस जघन्य अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।