Samastipur Crime : पान दुकान से खाना खाने घर निकला... उससे पहले गोलियों ने छीन ली जिंदगी
समस्तीपुर में एक पान दुकान से खाना खाने घर जा रहे दुकानदार को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पान दुकानदार की हत्या स ...और पढ़ें

घटना को लेकर रोते बिलखते स्वजन। जागरण
HighLights
समस्तीपुर के खानपुर में पान दुकानदार की हत्या।
खाना खाने जा रहा था, मारी गोली।
पुलिस ने मामले जांच पड़ताल में जुटी है।
संवाद सहयोगी, खानपुर (समस्तीपुर)। थाना के मनवारा गांव स्थित स्कूल चौक पर शनिवार की रात पान दुकानदार अरविंद सहनी की हत्या के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रविवार की सुबह शव गांव पहुंचते ही स्वजनों व ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया।
ग्रामीणों ने इलमासनगर से गुदारघाट जाने वाली मुख्य सड़क को सिरोपट्टी स्कूल चौक के निकट जाम कर दिया। इससे सड़क पर आवागमन ठप हो गया। सभी हत्यारे की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग कर रहे थे। सूचना पर खानपुर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार चौधरी पुलिस टीम समेत मौके पर पहुंचे।
उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन लोग मांग पर अड़े रहे। दो घंटे बाद सदर डीएसपी टू संजय कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष नीलम सहनी, जदयू प्रखंड अध्यक्ष राम नारायण सिंह, अजय कुशवाहा, राजगीर महतो आदि ने अथक प्रयास के बाद आक्रोशित लोगो ने जाम को समाप्त कराया।
डीएसपी ने मृतक के स्वजनों को यह भरोसा दिया कि जल्द ही हत्यारें को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। इधर, उसकी मौत से स्वजनों के बीच कोहराम मच गया। उसकी पत्नी समेत अन्य का रो-रोकर बुरा हाल बना था।
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खाना खाने जा रहा था अरविंद
अरविंद शनिवार की रात दुकान बंद कर चुका था। पिता, मां और बच्चे खाना खाकर सो चुके थे। उसने अपनी पत्नी से खाना निकालने की बात कही। इसी बीच दुकान पर एक बाइक पर सवार हो पहुंचे दो बदमाशों ने उसे आवाज दे गुटखा देने की बात कही। पत्नी से रुकने की बात कहते हुए वह गुटखा देने पहुंच गया। उसने दुकान के बाहर लगी बांस की ढ़ढ़ी के भीतर से ही गुटखा देने लगा। इसी दौरान उसे बदमाश ने उसे गोली मार दी।
गोली उसके गले के समीप जा लगी। इससे वह कराहते हुए जमीन पर गिर पड़ा। बदमाश बाइक पर सवार हो चंपत हो गज। स्वजनों ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि गोली उसके शरीर में ही फंस गई। अरविंद अपने घर के अगले हिस्से में दुकान चलाता था, जबकि उसके पीछे उसका घर है। बदमाश कौन था और कहां से आया था यह पता नहीं चल सका है। रात होने की वजह से दोनों मौके से आराम से फरार हो गए।
पुराने विवाद में हत्या की आशंका
घटना को लेकर स्वजनों ने अभी पुलिस को कोई लिखित आवेदन या बयान नहीं दिया है। इससे घटना की प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है। बताया गया कि स्वजन भी स्पष्ट नहीं बता रहे कि हत्या के पीछे की वजह क्या रही। वैसे गांव में दो विवाद की चर्चा है। इसमें एक कुछ दिनों पुराना है। बताया गया कि एक सड़क दुर्घटना के बाद में एक बाइक सवार से विवाद हुआ था। जबकि, एक अन्य विवाद पैसे के लेन देन से संबंधित है। ग्रामीणों की अनुसार इन्हीं दोनों विवाद में किसी एक वजह से हत्या की गई।
तीन छोटे बच्चों के सर से उठा पिता का साया
अरविंद के तीन छोटे छोटे बच्चे हैं। बड़ा पुत्र अनमोल कुमार (5), विनिशा कुमारी (3) और सबसे छोटा पुत्र रामानुज (1.5) है। तीनों बच्चों के सर से पिता का साया उठ चुका है। उसके जले जाने से दिव्यांग पिता रंजीत सहनी और वृद्ध माता संजू देवी के बूढ़ापा का सहारा छीन गया। पत्नी काजल कुमारी का तो पूरा संसार ही उजर गया। वह पति के शव के समीप विलाप करती हुई बार-बार बेसुध हो रही थी।
सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। तकनीकी टीम भी अनुसंधान में जुटी है। बदमाशों का पता लगाया जा रहा है। घटनास्थल की जांच एफएसएल टीम ने की है। स्वजनों के आवेदन नहीं मिलने की वजह से प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है। जल्द ही दोषियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
_ संजय कुमार, डीएसपी