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    समस्तीपुर में बच्चों के भोजन में मिली मरी छिपकली, स्कूल प्रबंधन कटघरे में, सुरक्षा पर सवाल

    Updated: Fri, 29 May 2026 06:49 PM (IST)

    समस्तीपुर के एक स्कूल में मध्याह्न भोजन में मरी हुई छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया। बच्चों के भोजन न करने से बड़ा हादसा टला, जिसके बाद अभिभावकों ने स्क ...और पढ़ें

    बाल्टी में अंडे के साथ हरा घेरे में मरी छिपकली व हंगामा करते स्थानीय लोग। जागरण

    बाल्टी में अंडे के साथ हरा घेरे में मरी छिपकली व हंगामा करते स्थानीय लोग। जागरण

    HighLights

    1. मध्याह्न भोजन में मरी हुई छिपकली मिली।

    2. बच्चों ने भोजन नहीं किया, बड़ा हादसा टला।

    3. ग्रामीणों व अभिभावकों ने स्कूल में हंगामा किया।

    संवाद सहयोगी, रोसड़ा (समस्तीपुर) । प्रखंड के मर्राजीव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शुक्रवार को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) में मरी हुई छिपकली मिलने से अफरातफरी मच गई।

    समय रहते बच्चों की नजर भोजन पर पड़ गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अभिभावकों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार को बच्चों को अंडा परोसा जा रहा था। इसी दौरान अंडों से भरी बाल्टी में मरी हुई छिपकली दिखाई दी। छिपकली देखते ही बच्चों ने भोजन करने से इनकार कर दिया और शोर मचाना शुरू कर दिया।

    रसोइया द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किए जाने के बावजूद कुछ ही देर में इसकी जानकारी ग्रामीणों तक पहुंच गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में अभिभावक और स्थानीय लोग विद्यालय पहुंच गए।

    लोगों ने स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच नहीं होती और साफ-सफाई को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जाती है। आक्रोशित लोगों ने दोषी रसोइया को तत्काल हटाने तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

    इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने बाल्टी में अंडों के बीच पड़ी मरी छिपकली का वीडियो बना लिया, जो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में लोग भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि बच्चों ने भोजन नहीं किया था, जिससे किसी बच्चे के बीमार होने की सूचना नहीं है। जानकारी के अनुसार, तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकों और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई।

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    विद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने तथा एमडीएम की निगरानी बढ़ाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

    इस संबंध में पूछे जाने पर बीईओ मनोज कुमार झा ने घटना की जानकारी नहीं होने की बात कही। इस घटना ने विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। अभिभावकों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।