समस्तीपुर में आंधी बारिश के बीच स्कूल परिसर में सूखा बरगद गिरा, तीन छात्राओं की मौत
समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र स्थित एक स्कूल परिसर में आंधी-बारिश के दौरान सूखा बरगद का पेड़ गिरने से तीन ...और पढ़ें

घटना के बाद शोकाकुल स्वजन।
HighLights
समस्तीपुर स्कूल में आंधी-बारिश के दौरान सूखा बरगद का पेड़ गिरा।
हादसे में तीन छात्राओं की मौके पर और इलाज के दौरान मौत।
मध्याह्न भोजन के इंतजार में थे बच्चे, स्कूल में मची अफरातफरी।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के खास टभका दक्षिण पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय चकबेदौलिया परिसर में गुरुवार को आंधी-बारिश के दौरान विशालकाय सूखा बरगद का पेड़ गिर गया।
हादसे में दो छात्राओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से जख्मी एक छात्रा ने बेगूसराय में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना गुरुवार को मध्याह्न बाद करीब 12:40 बजे हुई।
मौके पर दो की मौत
मृतकों में चकबेदौलिया ठाकुर टोल निवासी प्रमीला देवी व अमरजीत ठाकुर की करीब 11 वर्षीय पुत्री और कक्षा पांच की छात्रा पायल कुमारी तथा रघुनीचक वार्ड 10 निवासी राम कुमार महतो की 10 वर्षीय पुत्री और कक्षा चार की छात्रा सपना कुमारी शामिल हैं।
दोनों की मौत पेड़ की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही हो गई। गंभीर रूप से जख्मी वार्ड 10 निवासी रवीना खातून व मोहम्मद ताजिम की करीब 11 वर्षीय पुत्री गुलनाज बेगम को आनन-फानन में इलाज के लिए बेगूसराय ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
स्कूल में मची अफरातफरी
घटना के वक्त विद्यालय के एचएम, शिक्षक, रसोइया और बच्चे मध्याह्न भोजन की प्रतीक्षा में थे। पोखर किनारे स्थित विद्यालय भवन पर अचानक सूखा विशालकाय बरगद का पेड़ धराशायी हो गया, जिसके बाद स्कूल परिसर में अफरातफरी मच गई। शिक्षक और आसपास के लोग पेड़ की ओर पहुंचे तो तीनों बच्चियों को लहूलुहान अवस्था में देखकर चीख-पुकार मच गई।
अधिकारी पहुंचे घटनास्थल
घटना की सूचना मिलने पर दलसिंहसराय एसडीएम किशन कुमार, रोसड़ा एसडीएम पूजा कुमारी, एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा, विभूतिपुर बीडीओ सुनील कुमार, सीओ चंद्रशेखर समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा ने बताया कि दो शवों का पंचनामा तैयार कर अंत्यपरीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। तीसरे शव के आने की प्रतीक्षा की जा रही थी।
मध्याह्न भोजन भी नहीं बना
हादसे के बाद विद्यालय में बच्चों को मध्याह्न भोजन भी नहीं मिल सका। घटना के बाद विद्यालय में भय और अफरातफरी का माहौल बना रहा। संभावित जनाक्रोश को देखते हुए एचएम के कक्ष में ताला बंद कर वहां से चले जाने की बात भी सामने आई है।
