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    बिहार में गेंदा फूल की खेती पर बंपर सब्सिडी, वाहन खरीद पर भी मिलेगा भारी अनुदान

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 06:36 AM (GMT+05:30)

    Flower Transport Vehicle Subsidy: बिहार सरकार गेंदा फूल की खेती पर 50% अनुदान दे रही है, साथ ही फूलों को बाजार तक पहुंचाने के लिए मालवाहक वाहन खरीद पर ...और पढ़ें

    आजीविका को मजबूत करने और आय बढ़ाने के उद्देश्य से यह वित्तीय मदद दी जा रही है। फाइल फोटो

    आजीविका को मजबूत करने और आय बढ़ाने के उद्देश्य से यह वित्तीय मदद दी जा रही है। फाइल फोटो

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    संक्षेप में पढ़ें

    संवाद सहयोगी, समस्तीपुर। Marigold Farming Subsidy Bihar: बिहार के किसानों को बागवानी की ओर आकर्षित करने के लिए सरकार गेंदा फूल की खेती पर बड़े पैमाने पर अनुदान दे रही है।

    इसके तहत फूलों को बाजार तक सुरक्षित और तेजी से पहुंचाने के लिए मालवाहक वाहन की खरीद पर भी भारी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

    90 हेक्टेयर का लक्ष्य

    समस्तीपुर जिले के किसानों को गेंदा फूल की खेती के लिए इस बार 90 हेक्टेयर का लक्ष्य सौंपा गया है। राज्य स्कीम 'गेंदा फूल विकास योजना' के तहत किसानों की आजीविका को मजबूत करने और आय बढ़ाने के उद्देश्य से यह वित्तीय मदद दी जा रही है।

    50 फीसदी मिलेगी सब्सिडी

    गेंदा फूल की खेती पर प्रति इकाई अनुमानित लागत 80 हजार रुपये निर्धारित की गई है, जिस पर सरकार 50 प्रतिशत यानी 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान देगी। इस योजना से जुड़कर किसान पारंपरिक खेती के मुकाबले काफी कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।

    गाड़ी पर लाखों की छूट

    गेंदा फूल को बाजार तक ले जाने के लिए मालवाहक वाहन की खरीद पर 6.50 लाख रुपये की अनुमानित लागत का 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 3.25 लाख रुपये तक का अनुदान देय होगा।

    वाहन का कोटेशन, जमीन के कागजात और खेती का एकरारनामा अपलोड करके किसान इस सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।

    आवेदन के लिए पात्रता

    योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम दो हेक्टेयर तक जमीन पर अनुदान मिलेगा। जिन किसानों के पास अपनी जमीन का एलपीसी या अद्यतन रसीद नहीं है, वे लीज एकरारनामा के आधार पर भी इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    पहले आओ पहले पाओ

    योजना में अनुदान का वितरण 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा। जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सुमित सौरभ ने बताया कि किसानों को उद्यानिक खेती के साथ पाली हाउस और उन्नत तकनीक से बागवानी के लिए लगातार प्रोत्साहित और प्रशिक्षित किया जा रहा है।

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