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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rohtas: सीमेंट फैक्ट्री में आग में झुलसे दूसरे मजदूर की पटना में इलाज के दौरान मौत, 10 दिनों से चल रहा था इलाज

By Mukesh Kumar PandeyEdited By: Prateek Jain
Updated: Sun, 10 Sep 2023 05:04 PM (IST)

डालमिया भारत सीमेंट फैक्ट्री में दिहाड़ी पर काम कर रहे बाजितपुर निवासी अशोक पासवान की मौत पटना के अपोलो अस्पताल में हो गई। बता दें की 1 सितंबर को सीमे ...और पढ़ें

आग में झुलसे अशोक पासवान की 10वें दिन पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई।
आग में झुलसे अशोक पासवान की 10वें दिन पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई।

HighLights

  1. सुपरवाइजर की हादसे वाले दिन ही इलाज के लिए ले जाने के दौरान रास्‍ते में हो गई थी मौत
  2. मृतक के परिवार में हैं पत्‍नी और तीन नाबालिग बच्‍चे

रोहतास, जागरण सवांददाता: डालमिया भारत सीमेंट फैक्ट्री में दिहाड़ी पर काम कर रहे बाजितपुर निवासी अशोक पासवान की मौत पटना के अपोलो अस्पताल में हो गई।

बता दें की 1 सितंबर को सीमेंट फैक्ट्री के चिमनी में कचरा जलाने के दौरान आग बेकाबू हो गई थी, जिसमें तीन लोग जख्मी हुए थे।

नवीनगर थाना क्षेत्र निवासी संजीव कुमार की मौत नारायण हॉस्पिटल ले जाते वक्त ही हो गई थी, जबकि अशोक पासवान की स्थिति नाजुक बनी हुई थी। जिसे देखते हुए नारायण मेडिकल कॉलेज से पटना के अपोलो अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए भेजा गया था। 

अशोक की कमाई से चल रहा था पूरा घर

10 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ते हुए आज अशोक पासवान की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मिली जानकारी के अनुसार, बताया कि मृतक के परिवार में पत्नी गीता देवी और तीन लड़के हैं, तीनों की बच्‍चे नाबालिग हैं। किसी तरह से मजदूरी कर गुजर बसर करके जिंदगी कट रही थी और तीनों बच्चों का भरण पोषण हो रहा था। अशोक पासवान की मौत के बाद बच्चे और पत्नी सभी अनाथ हो गए। अब इन लोगों को देखभाल करने वाला भी कोई नहीं रहा।

कंपनी से मुआवजे को लेकर की जाएगी बात

परिजनों ने बताया कि मृतक के शव को उसके पैतृक गांव लाया जा रहा है। इसके बाद कंपनी के प्रबंधन से बात होगी।

वहीं, हाल ही में गठित जन संघर्ष समिति रोहतास के अध्यक्ष तोराब नेयाजी ने स्थानीय मुखिया समाजिक कार्यकर्ता लेबर यूनियन सभी के साथ बैठक कर मृतक के परिजन को उचित मुआवजा एवं नौकरी के लिए डालमिया प्रबंधन से बात करेगी।

नेयाजी ने बताया कि अगर कंपनी वार्ता करती है तो ठीक है, अन्यथा डालमिया भारत के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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