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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sasaram में बालू माफिया बेखौफ! खनन छापेमारी दल पर हमला कर ले भागे जब्त ट्रैक्टर, मामला दर्ज

By satish kumarEdited By: Jagran News Network
Updated: Sat, 26 Aug 2023 04:06 PM (IST)

सासाराम में आए दिन बालू माफियाओं के मनमानी की खबर सामने आती है। दरअसल इस बार बालू माफियाओं ने खनन छापेमारी दल पर ही हमला कर दिया। इसके बाद उनके कब्जे ...और पढ़ें

बालू तस्करी की सांकेतिक तस्वीर। फोटो- जागरण
बालू तस्करी की सांकेतिक तस्वीर। फोटो- जागरण

HighLights

  1. बालू खनन पर रोक के बाद भी सड़कों पर दौड़ रहे बालू लदे वाहन
  2. खनन की सूचना पर विभाग की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलाया था चेकिंग अभियान

जागरण संवाददाता,सासाराम (रोहतास)। सासाराम मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के धौडाढ़ ओपी क्षेत्र में बालू तस्कर असामाजिक तत्वों के साथ खनन टीम पर शनिवार को हमला कर जब्त ट्रैक्टर को छुड़ाकर ले भागे। इस मामले में खनन विभाग ने प्राथमिकी कराई है।

जानकारी के अनुसार, डेहरी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भड़कुडिया गांव में अवैध बालू के खनन की सूचना पर विभाग की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो पर चेकिंग अभियान चलाया था। इसी क्रम में अवैध रूप से बालू ले जा रहे एक ट्रैक्टर को जब्त किया गया था।

खनन निरीक्षक को झड़प में आई चोट

बताते चले कि उसके बाद बालू तस्कर व उसके गुर्गे खनन विभाग की टीम पर चिंतावनपुर गांव के पास हमला कर ट्रैक्टर छुड़ाकर ले भागे। सूत्रों की मानें तो ट्रैक्टर छुड़ाने के दौरान बालू तस्कर व खनन विभाग की टीम के बीच झड़प भी हुई, जिसमें खनन निरीक्षक संजीव रंजन को चोट भी आई है।

मारपीट को लेकर नहीं की गई शिकायत

घायल इंस्पेक्टर का इलाज स्थानीय निजी अस्पताल में किया गया। खनन निरीक्षक के द्वारा ही मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। धैाडाढ़ ओपीध्यक्ष जयराम शुक्ला ने बताया कि बालू लदे ट्रैक्टर को छुड़ा ले जाने की प्राथमिकी खनन निरीक्षक के द्वारा कराई गई है। किसी तरह का जख्म प्रतिवेदन पुलिस को नहीं दी गई है।

ज्ञातव्य हो कि बालू खनन पर रोक के बाद भी धड़ल्ले से बालू लदे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। पुलिस व खनन विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रही है। जिससे बालू तस्करों का मनोबल बढ़ते जा रहा है। वहीं बड़े स्तर पर नकली खनन चालान का उपयोग भी किया जा रहा है।