पीएम सूर्यघर योजना से बिजली बिल में मिलेगी बड़ी राहत, 7% ब्याज पर मिलेगा ₹2 लाख का लोन
रोहतास में पीएम सूर्यघर योजना उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत दे रही है। जिलाधिकारी उदिता सिंह ने बताया कि यह योजना स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देती है। इस ...और पढ़ें

पीएम सूर्यघर योजना से बिजली बिल में मिलेगी बड़ी राहत, सोलर पैनल के लिए मिलेगा लोन (AI Generated Image)
HighLights
सोलर पैनल पर ₹30,000 से ₹78,000 तक सब्सिडी।
बैंकों से 7% ब्याज पर ₹2 लाख तक ऋण उपलब्ध।
25 वर्षों तक मुफ्त बिजली, पर्यावरण संरक्षण भी।
जागरण संवाददताा, सासाराम (रोहतास)। आम उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत देने तथा स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
विद्युत विभाग ने जिले के सभी उपभोक्ताओं से इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है। इस योजना के तहत उपभोक्ता अपने घरों की छत पर सोलर पैनल स्थापित कर न केवल बिजली खर्च में कमी कर सकते हैं, बल्कि लंबे समय तक लगभग मुफ्त बिजली का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
जिलाधिकारी रोहतास उदिता सिंह ने बताया कि यह योजना आम लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है और इससे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत सोलर संयंत्र स्थापना पर सरकार द्वारा आकर्षक अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जा रहा है।
एक किलोवाट क्षमता पर 30,000 रुपये, एक किलोवाट पर 60,000 रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है।
उपभोक्ताओं को सोलर पैनल लगवाने हेतु बैंकों के माध्यम से लगभग 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस ऋण की अदायगी शहरी क्षेत्रों में 4 से 5 वर्षों में तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 7 से 8 वर्षों में की जा सकती है, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम पड़ता है।
उन्होंने कहा कि बिजली खपत के अनुसार उपभोक्ता सोलर पैनल की क्षमता का चयन कर सकते हैं। 150 यूनिट प्रतिमाह तक खपत के लिए एक किलोवाट, 300 यूनिट तक के लिए दो किलोवाट तथा 300 यूनिट से अधिक खपत के लिए तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का सोलर पैनल उपयुक्त रहेगा।
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सोलर पैनल की स्थापना लागत को सब्सिडी के माध्यम से काफी हद तक कम किया जा सकता है। सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का उपयोग घरेलू कार्यों में किया जा सकता है। साथ ही, अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर बिजली बिल में समायोजित कराने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।
प्रति किलोवाट लगभग 100 वर्ग फुट छत की आवश्यकता होती है तथा उचित रखरखाव के साथ सोलर पैनल लगभग 25 वर्षों तक सुचारू रूप से कार्य करते हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ दीर्घकालिक रूप से सस्ती बिजली उपलब्ध होती है।
योजना के अंतर्गत आवेदन के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर कनेक्शन अनिवार्य है। इसके साथ ही आधार कार्ड, बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर आवश्यक दस्तावेज हैं। इच्छुक उपभोक्ता ऑनलाइन माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने आम विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस जनहितकारी योजना का लाभ अवश्य उठाएं। इच्छुक आवेदक सोलर पैनल स्थापना के लिए बैंक से आसानी से ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं। इस संबंध में सभी बैंकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
ऋण प्राप्ति में किसी प्रकार की समस्या होने पर उपभोक्ता मोबाइल नंबर 7632996822 पर संपर्क कर सकते हैं। विद्युत विभाग ने पुनः सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे इस योजना के माध्यम से स्वच्छ, सस्ती एवं टिकाऊ ऊर्जा को अपनाते हुए ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं।