मई 2023 से बंद है पाली रेलवे ओवरब्रिज: एक कारण से अटका है काम; रेलवे ने बताई देरी की वजह
रोहतास का पाली रेलवे ओवरब्रिज पिछले करीब तीन साल से बंद है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। निर्माण में देरी का कारण तकनीकी दिक्कतें और डिजाइन ...और पढ़ें

तीन वर्षों से लोगों को आरओबी खुलने का इंतजार।
HighLights
पाली रेलवे ओवरब्रिज पिछले करीब तीन वर्षों से बंद पड़ा है।
निर्माण में तकनीकी दिक्कतें और डिजाइन संशोधन मुख्य कारण।
सांसद ने भी उठाया मुद्दा, जल्द पूरा करने की मांग।
संवाद सहयोगी, डेहरी ऑन सोन (रोहतास)। रोहतास जिले में विक्रमगंज-डेहरी मुख्य सड़क को जोड़ने वाला पाली रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पिछले करीब तीन वर्षों से बंद पड़ा है।
मई 2023 में यातायात रोकने के बाद से अब तक पुल का निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो सका है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे अधिकारियों का दावा है कि निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और इसे वर्तमान वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
हालांकि, अब तक आधिकारिक तौर पर दो बार और अनौपचारिक रूप से चार बार निर्माण अवधि बढ़ाई जा चुकी है।
सितंबर 2025 तक पूरा होना था काम
पाली रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए सितंबर 2024 में 13 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी। उस समय लक्ष्य सितंबर 2025 तक कार्य पूरा कर पुल को चालू करने का था, लेकिन समयसीमा बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा है।
व्यापार पर पड़ा बड़ा असर, मरीजों को भी हो रही परेशानी
पाली आरओबी बंद रहने से डेहरी शहर और आसपास के बाजारों का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करने से समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
लोगों का कहना है कि खराब वैकल्पिक मार्ग और लंबी दूरी तय करने की मजबूरी के कारण काफी समस्या हो रही है। इमरजेंसी की स्थिति में तो आफत हो जाती है।
सांसद ने भी उठाया मामला
पाली आरओबी निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने हाल ही में रेलवे के जोनल महाप्रबंधक के साथ हुई बैठक में भी उठाया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने और जल्द पुल चालू कराने की मांग की।
इससे पहले भी विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने कई बार धरना-प्रदर्शन कर निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की है। करीब एक वर्ष पहले पूर्व मुखिया हरिशंकर सिंह के नेतृत्व में भी आंदोलन किया गया था।
आखिर क्यों हो रही है देरी?
रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग के एसएसई कुमार जैनेन्द्र कुमार ने बताया कि पुल का स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। अब पाइलिंग का कार्य पूरा होने के बाद इसे स्थापित कर यातायात शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पुल के छह पायों के लिए 30 मीटर गहरी पाइलिंग की जानी है, लेकिन 24 मीटर के बाद अत्यधिक पानी और बालू मिलने के कारण तकनीकी कठिनाइयां आ रही हैं।
इस समस्या को देखते हुए डिजाइन में संशोधन किया गया है और नौ पाइलिंग के नए डिजाइन को मंजूरी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही आगे का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा।
स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि बार-बार बढ़ रही समयसीमा के बजाय इस बार वास्तव में निर्माण कार्य पूरा होगा और तीन वर्षों से बंद पड़ा पाली रेलवे ओवरब्रिज फिर से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
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