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    बिहार में 3 लाख रिश्वत लेते CO गिरफ्तार, निगरानी टीम ने आवास से दबोचा

    Updated: Fri, 22 May 2026 04:13 PM (IST)

    सासाराम में निगरानी विभाग ने अंचलाधिकारी आकाश कुमार रौनियार को 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके किराए के आवास से रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ...और पढ़ें

    सीओ को निगरानी टीम ने आवास से किया गिरफ्तार

    सीओ को निगरानी टीम ने आवास से किया गिरफ्तार

    HighLights

    1. अंचलाधिकारी आकाश कुमार रौनियार 3 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार।

    2. निगरानी विभाग ने सासाराम के मोरसाराय आवास से दबोचा।

    3. राजस्व कार्य के लिए मांगी गई थी रिश्वत की रकम।

    जागरण संवाददाता, सासारमा(रोहतास)। सासाराम में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अंचलाधिकारी (CO) को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई शहर के मोरसाराय इलाके में स्थित किराए के आवास पर की गई।

    3 लाख रुपये लेते पकड़े गए अंचलाधिकारी

    निगरानी टीम के अनुसार, CO आकाश कुमार रौनियार को 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते समय गिरफ्तार किया गया।

    यह रकम कथित तौर पर एक राजस्व कार्य के बदले मांगी गई थी। टीम ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया और मौके पर ही उन्हें पकड़ लिया।

    शिकायत के बाद हुआ ट्रैप ऑपरेशन

    मामले की शुरुआत निगरानी थाना पटना में दर्ज एक शिकायत से हुई थी।

    सासाराम अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार ने CO के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी।

    इसके बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए।

    सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल

    सत्यापन रिपोर्ट में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद निगरानी टीम ने ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया।

    जैसे ही तय रकम का लेन-देन हुआ, टीम ने CO को मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया था।

    निजी सहायक के जरिए लेन-देन का आरोप

    बताया जा रहा है कि रिश्वत की रकम CO अपने निजी सहायक सोनू कुमार के माध्यम से ले रहे थे।

    निगरानी टीम ने मौके पर मौजूद सभी संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और आगे की जांच जारी है।

    पहले भी हो चुकी है विभाग में कार्रवाई

    गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी अंचल कार्यालय में निगरानी विभाग की कार्रवाई हो चुकी है।

    करीब एक साल पहले एक डाटा एंट्री ऑपरेटर को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं।