गुलाबबाग व हरदा बाजार रेडलाइट में फिर सजा जिस्मफरोशी का बाजार; बंगाल, मोतिहारी, भागलपुर व मुजफ्फरपुर से जुड़े तार
पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद पूर्णिया के गुलाबबाग और हरदा बाजार जैसे रेडलाइट इलाकों में जिस्मफरोशी का धंधा फिर से तेजी से पैर पसार रहा है। यह अव ...और पढ़ें

गुलाबबाग जीरो माइल और हरदा बाजार रेडलाइट एरिया में छापेमारी के कुछ ही दिनों बाद फिर शुरू हुआ देह व्यापार
HighLights
पुलिस कार्रवाई के बाद भी पूर्णिया में जिस्मफरोशी का धंधा फिर सक्रिय।
गुलाबबाग, हरदा बाजार सहित कई इलाकों में देर रात तक देह व्यापार।
बिहार-बंगाल तक फैले नेटवर्क, सूचना लीक से मुख्य आरोपी बचते हैं।
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। पूर्णिया जिले में जिस्मफरोशी के काले कारोबार पर जब-जब पुलिसिया कार्रवाई का डंडा चला है, नतीजे स्थाई नहीं निकल सके हैं। पुलिस की सख्ती के बाद कुछ दिनों तक सन्नाटा रहता है, लेकिन माहौल शांत होते ही यह बाजार फिर सज जाता है। हाल ही में गुलाबबाग के जीरो माइल और हरदा बाजार स्थित रेडलाइट एरिया में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो दर्जन महिला-पुरुषों को गिरफ्तार किया था और एक दर्जन नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू कराया था।
लेकिन इस कार्रवाई के महज एक पखवाड़े बाद ही इन इलाकों में फिर से देह व्यापार का धंधा तेजी से पैर पसार चुका है। शाम ढलते ही गुलाबबाग जीरो माइल, हरदा बाजार, अनगढ़ और बनमनखी के कई मकानों में देर रात तक यह सिलसिला जारी रहता है।
2013 से लगातार कार्रवाई, जेल से छूटते ही फिर शुरू होता है धंधा
पूर्णिया में देह व्यापार के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई का पुराना इतिहास रहा है। वर्ष 2013 में तत्कालीन एसपी किम ने कटिहार मोड़ और जीरो माइल में बड़ा अभियान चलाकर करीब 7 दर्जन महिलाओं को जेल भेजा था। इसके बाद वर्ष 2016 में तत्कालीन एसपी निशांत कुमार तिवारी और 2018-19 में एसपी विशाल शर्मा के कार्यकाल में भी दर्जनों गिरफ्तारियां हुईं।
हालाँकि, जैसे ही इन महिलाओं को अदालत से जमानत मिलती है, वे फिर से इसी धंधे में सक्रिय हो जाती हैं। स्थानीय लोगों के भारी विरोध के कारण कटिहार मोड़ और रौटा बाजार का रेडलाइट एरिया तो बंद हो गया, लेकिन अन्य जगहों पर धंधेबाज हावी हैं।
खबरें और भी
पश्चिम बंगाल से लेकर बिहार के कई जिलों तक जुड़े हैं तार
जानकारों के अनुसार, इस अवैध धंधे को संचालित करने वाली महिला संचालकों ने बीते दो दशकों में अपार संपत्ति अर्जित की है। इस नेटवर्क के तार बिहार के सीतामढ़ी, मोतिहारी, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, छपरा, फारबिसगंज और किशनगंज के अलावा पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर व पांजीपारा स्थित देह मंडियों से सीधे जुड़े हैं।
नाचने-गाने वाली मंडली के नाम पर भी लड़कियों की खरीद-फरोख्त और आवाजाही होती है। जब भी पूर्णिया में पुलिस का दबाव बढ़ता है, ये धंधेबाज कुछ समय के लिए बंगाल या उत्तर प्रदेश का रुख कर लेते हैं।
सूचना लीक होने से बच निकलते हैं मुख्य धंधेबाज
हाल ही में मरंगा और सदर थाना पुलिस ने एनजीओ के साथ मिलकर जब जीरो माइल क्षेत्र में दबिश दी, तो पुलिस के पहुंचने से पहले ही गुप्त सूचना लीक हो गई, जिससे मुख्य आरोपी मौके से भागने में सफल रहे। हालांकि हरदा बाजार से एक महिला संचालक को गिरफ्तार किया गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक पुलिस व प्रशासन ऐसे मकानों को सील करने या जमींदोज करने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह से लगाम लगाना नामुमकिन होगा।