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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Politics : शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का ट्वीट- शिक्षित बिहार; तेजस्वी बिहार, उठ सकता है विवाद

By Arun AsheshEdited By: Yogesh Sahu
Updated: Tue, 17 Jan 2023 02:24 AM (IST)

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरितमास की आलोचना करने के बाद उठे विवाद महागठबंधन के दलों और खास कर राजद-जदयू के बीच बहस का एक और मुद्दा दे दिया है। सोमवार को उन्होंने शिक्षा विभाग से जुड़ी एक खबर के साथ ट्वीट किया- शिक्षित बिहार तेजस्वी बिहार।

Bihar Politics : शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का ट्वीट- शिक्षित बिहार; तेजस्वी बिहार, उठ सकता है विवाद
Bihar Politics : शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का ट्वीट- शिक्षित बिहार; तेजस्वी बिहार, उठ सकता है विवाद

राज्य ब्यूरो, पटना। रामचरितमास की आलोचना कर चर्चा में आए शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने महागठबंधन के दलों और खास कर राजद-जदयू के बीच बहस का एक और मुद्दा दे दिया है। सोमवार को उन्होंने शिक्षा विभाग से जुड़ी एक खबर के साथ ट्वीट किया- शिक्षित बिहार, तेजस्वी बिहार।

राजनीतिक क्षेत्रों में इसे राजद और जदयू के बीच शीर्ष पद को लेकर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। यह अलग बात है कि इस ट्वीट पर जदयू की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इधर, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इससे जुड़े सवाल को यह कहकर टाल दिया कि यह सिर्फ मेरा ही नाम नहीं है। हर व्यक्ति का अपना नजरिया होता है।

वहीं, राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले लोग सूत्रों को जोड़कर शिक्षा मंत्री के ट्वीट का अर्थ निकाल रहे हैं। अंतिम सिरा वहां पहुंच रहा है कि राजद जल्द से जल्द चालक की सीट पर बैठना चाह रहा है। इसे राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के एक वक्तव्य से जोड़कर देखें तो तस्वीर और साफ हो जाएगी।

राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ने कहा था कि उन्हें (मुख्यमंत्री नीतीश को) बड़े पद (प्रधानमंत्री) के लिए छोटा पद (मुख्यमंत्री) छोड़ देना चाहिए। इसमें अगर राजद कतारों के बीच चल रही इस चर्चा को भी जोड़ दें कि अधिकारियों के तबादले-पदस्थापन में राजद को वरीयता नहीं मिल रही है, तो शिक्षा मंत्री के ट्वीट का राजनीतिक अर्थ आसानी से निकाला जा सकता है।

कार्रवाई की थी अपेक्षा

जदयू को अपेक्षा थी कि रामचरितमानस विवाद के लिए राजद शिक्षा मंत्री को चेतावनी देगा। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। तेजस्वी ने सलाह देने की औपचारिकता निभाई और सबकुछ राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पर छोड़ दिया। पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह को लेकर भी राजद का रुख जदयू की अपेक्षा के अनुकूल नहीं है।

ऐसे में जानकारों का मानना है कि जदयू शिक्षा मंत्री के नए ट्वीट को भी राजद की आधिकारिक अभिव्यक्ति मानने लगे तो इसमें आश्चर्य की बात नहीं होगी। यह ट्वीट जदयू को इसलिए भी खल सकता है, क्योंकि यह बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है नारा के समानांतर लग रहा है।

यशस्वी से तेजस्वी तक

शिक्षा मंत्री बनने के बाद प्रो. चंद्रशेखर के ट्वीट का स्वर बहुत बदला हुआ है। पदभार ग्रहण करने के साथ ही उनका पहला ट्वीट आया था। उन्होंने लिखा था कि उन्नत शिक्षा, शैक्षणिक सुधार, हमारा संकल्प यशस्वी बिहार। यशस्वी से तेजस्वी तक के ट्वीट की यात्रा में जितना भी समय लगा हो, शिक्षा मंत्री का आज तक का यह अंतिम ट्वीट राजद-जदयू के संबंधों में दरार बढ़ाने वाला माना जा रहा है।