गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाएंगे मौसमी फल, बाजार में हरी सब्जियां भी हुईं सस्ती
गर्मी और उमस में शरीर को हाइड्रेटेड रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मौसमी फल-सब्जियां बेहद फायदेमंद हैं। विशेषज्ञों ने आम, तरबूज, बेल, जामु ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड तस्वीर
HighLights
मौसमी फल-सब्जियां गर्मी में शरीर को हाइड्रेटेड रखती हैं।
कच्चा आम लू से बचाए, पका आम ऊर्जा का स्रोत।
तरबूज, खीरा, बेल, जामुन सेहत के लिए लाभकारी।
जागरण संवाददाता, पटना। गर्मी के साथ वातावरण में बढ़ती उमस लोगों की सेहत पर असर डालने लगी है। ऐसे मौसम में शरीर में पानी और ऊर्जा की कमी तेजी से होने लगती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान मौसमी फल और सब्जियों का सही मात्रा और सही समय पर सेवन शरीर को ठंडक देने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और डिहाइड्रेशन से बचाने में बेहद कारगर साबित होता है।
राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के डॉक्टर अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गर्मियों में पानी और पोषक तत्वों से भरपूर फल-सब्जियां शरीर को आवश्यक विटामिन, मिनरल और ऊर्जा प्रदान करती हैं। हालांकि इनके सेवन में कुछ सावधानियां बरतना भी जरूरी है।
कच्चा आम लू से बचाए, पका आम दे ऊर्जा
गर्मी के मौसम में कच्चा आम यानी कैरी का सेवन काफी लाभकारी माना जाता है। इससे बना आम पना शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने और लू से बचाव में मदद करता है। वहीं पका आम ऊर्जा, विटामिन-ए और फाइबर का अच्छा स्रोत है।
हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है कि मधुमेह के मरीज सीमित मात्रा में ही आम खाएं। अधिक मात्रा में आम खाने से अपच, शरीर में गर्मी और फोड़े-फुंसी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कटे हुए आम को लंबे समय तक खुले में रखने से भी बचना चाहिए।
तरबूज और खरबूजा रखे हाइड्रेट
कहा कि तरबूज में लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है, जो शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता। वहीं खरबूजा पाचन सुधारने और शरीर को ठंडक पहुंचाने में सहायक माना जाता है।
उन्होंने सलाह दी कि सड़क किनारे खुले में बिक रहे कटे हुए फल खाने से बचें, क्योंकि इनमें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। साथ ही फल खाने के तुरंत बाद बहुत अधिक पानी पीने से भी बचना चाहिए।
खीरा और ककड़ी से मिलेगी ठंडक
खीरा और ककड़ी शरीर को ठंडक देने के साथ कब्ज और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करते हैं। इनमें पानी और फाइबर की मात्रा अधिक होती है।
हालांकि जिन लोगों को बार-बार सर्दी, खांसी या कमजोर पाचन की समस्या रहती है, उन्हें रात के समय इनका सेवन कम करने की सलाह दी गई है।
बेल का शरबत पेट के लिए फायदेमंद
गर्मी और उमस के मौसम में बेल का शरबत पेट को ठंडक पहुंचाने और एसिडिटी, दस्त तथा पाचन संबंधी समस्याओं में राहत देने में मददगार माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार मई और जून तक बेल का सेवन लाभकारी रहता है। लेकिन अधिक मात्रा में बेल खाने से कब्ज की समस्या हो सकती है।
जामुन मधुमेह रोगियों के लिए उपयोगी
जामुन का मौसम सीमित समय के लिए आता है और इसे मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी माना जाता है। यह पाचन सुधारने और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मदद करता है। बाजार में अभी कहीं-कहीं जामुन मिल रहा।
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हालांकि, जून से जुलाई तक इसका सेवन उपयुक्त माना गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि खाली पेट अधिक मात्रा में जामुन न खाएं और दूध पीने के तुरंत बाद जामुन खाने से बचें।
लीची खाते समय विशेष सावधानी जरूरी
लीची विटामिन-सी और ऊर्जा का अच्छा स्रोत है, लेकिन इसे लेकर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। कहा कि केवल पूरी तरह पकी और ताजी लीची ही सीमित मात्रा में खानी चाहिए।
कच्ची या अधपकी लीची बच्चों को नहीं देनी चाहिए। खाली पेट अधिक मात्रा में लीची खाने से बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
सस्ती हुईं हरी सब्जियां
भीषण गर्मी के साथ ही अधिक आवक के कारण बाजार में हरी सब्जियां सस्ती हो चली हैं। लौकी, तोरई, परवल, करेले, कटहल, भिंडी, नेनुआ, बैगन, कुंदरी आदि सभी तरह की सब्जियां 20 से 30 रुपये प्रति किलो आ रही हैं। इससे आमजन हरी सब्जियों का भरपूर सेवन कर सकते हैं।
राजीवनगर के दुकानदार पारण कुमार ने बताया कि कटहल को छोड़ दें तो लगभग सभी सब्जियां 20-30 रुपये प्रति किलो मिल रही हैं। कटहल भी 50 रुपये किलो मिल रहा है।
सब्जियों में है चिकित्सकीय गुण
राजकीय आयुर्वेद कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर शिवादित्य ठाकुर ने बताया कि सब्जियों के भी अपने आयुर्वेदिक महत्व हैं। लौकी शरीर को ठंडक देने, वजन नियंत्रित रखने और पाचन सुधारने में मदद करती है। तोरई हल्की और सुपाच्य सब्जी है, जो कब्ज और पेट की गर्मी कम करने में सहायक मानी जाती है।
परवल फाइबर और विटामिन से भरपूर होता है, जिससे पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है। करेले ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में उपयोगी माना जाता है एवं भिंडी फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जो पाचन और हड्डियों के लिए फायदेमंद है।