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रणजी ट्रॉफी में चमकेगा बिहार का ‘सूरज’, राष्ट्रपति अवार्ड ले चुके पिता के मंत्र को बताया सक्सेस सीक्रेट

Published: Thu, 08 Oct 2026 02:24 PM (GMT+05:30)

Bihar Ranji Team 2026-27: बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने रणजी ट्रॉफी के लिए 17 सदस्यीय टीम घोषित की है, जिसमें जहानाबाद ...और पढ़ें

सूरज कश्यप

सूरज कश्यप

HighLights

  1. बिहार रणजी टीम में जहानाबाद के सूरज कुमार कश्यप का चयन।

  2. पिता के 'कर्म करते जाओ' मंत्र को बताया सफलता का राज।

  3. बिहार का रणजी अभियान 11 अक्टूबर से राजगीर में शुरू होगा।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) ने बुधवार को रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप 2026-27 (Bihar Ranji Team 2026-27)के लिए अपनी 17-सदस्यीय मुख्य टीम की घोषणा कर दी है। बीसीसीआई के चयनकर्ताओं की देखरेख में चुनी गई इस टीम में कई युवा प्रतिभाओं को मौका दिया गया है। 

इनमें सबसे प्रमुख नामों में शामिल हैं जहानाबाद में जन्मे और पटना के रहने वाले दाएं हाथ के ऑलराउंडर सूरज कुमार कश्यप। सूरज(Suraj Kashyap) को उनकी प्रतिभा और दमदार प्रदर्शन के बल पर सीनियर टीम का हिस्सा बनाया गया है।

संघर्षों से रणजी टीम तक का सफर

14 अगस्त 2003 को जहानाबाद में जन्मे सूरज कुमार कश्यप के लिए क्रिकेट का यह सफर आसान नहीं रहा। स्कूल की पढ़ाई के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा था। दोस्तों और सीनियर खिलाड़ियों की मदद और कड़ी मेहनत के बल पर हर बाधा को पार किया।

दिल्ली में पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत सूरज की बहन शानू कुमारी बताती हैं कि सूरज ने प्रारंभिक शिक्षा डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल (पटना), श्री सत्य साई स्कूल (उत्तराखंड) और संत करेंस हाई स्कूल (पटना) में हासिल की। वर्तमान में वो राम कृष्ण द्वारिका कॉलेज, पटना से अपनी आगे की पढ़ाई पूरी कर रहा है। 

क्रिकेट यात्रा बोर्डिंग स्कूल के दिनों में शुरू

वहा आगे बताती हैं कि बचपन से ही खेल के प्रति गहरी रुचि रखने वाले सूरज की क्रिकेट यात्रा बोर्डिंग स्कूल के दिनों में शुरू हुई, जहां खेल का रोजाना मिलने वाला एक घंटा उनका सबसे पसंदीदा समय बन गया। उन्होंने अपनी औपचारिक ट्रेनिंग YCC एकेडमी से कोच संतोष सर के मार्गदर्शन में शुरू की, जिन्हें वे अपनी सफलता का बड़ा श्रेय देते हैं।

सूरज एक शिक्षित और प्रतिष्ठित परिवार से आते हैं। उनके पिता डॉ. नवल किशोर शर्मा हाई स्कूल के सेवानिवृत्त हेडमास्टर हैं और पटना जिले में लोकपाल पद पर भी कार्य कर चुके हैं।  

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भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति आर. बैंकट रमन द्वारा उत्कृष्ट शिक्षण कार्य  (best teaching) के लिए 1990 में श्री नवल किशोर शर्मा को दिया गया।

बता दें कि सूरज के पिता डॉ. शर्मा को राष्ट्रपति से सम्मान मिल चुका है। सूरज की माता रीता कुमारी एक गृहिणी हैं। सूरज दो बड़ी बहनों के इकलौते भाई हैं।

मैदान पर बेमिसाल प्रदर्शन

सूरज कश्यप दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और दाएं हाथ के ऑफब्रेक गेंदबाज हैं। पिछले सीजन में वे बिहार की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। इसके अलावा उन्होंने डिस्ट्रिक्ट लेवल के टूर्नामेंट 'हेमंत ट्रॉफी' में भी राज्य के लिए सर्वाधिक विकेट हासिल कर अपनी उपयोगिता साबित की।

रणजी टीम में चयन के बाद सूरज और उनका परिवार बेहद उत्साहित है। जागरण डॉट कॉम से फोन पर बात करते हुए सूरज बताते हैं कि उनके पिता डॉ. नवल किशोर शर्मा ने उन्हें ‘कर्म करते जाओ, फल की चिंता मत करो’ का मंत्र दिया था।

मां रीता कुमारी ने भी बिना किसी दबाव के स्वाभाविक खेल खेलने की सलाह दी थी। टीम इंडिया के लिए खेलना सूरज का सपना है। वे अपने साथी क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी जैसी उभरती प्रतिभाओं से भी लगातार सीख ले रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि वैभव के साथ-साथ मैं कई बड़े खिलाड़ियों से मिला हूं और खेल और अपने प्रदर्शन को सुधारने को लेकर हमेशा चर्चा होती रहती है। वैभव अपने अनुभवों को साझा करते हैं। इंडियन टीम में खिलाड़ी कैसे खेलते हैं, यह सब जानने और समझने को मिलता है।

11 अक्टूबर से शुरू होगा मुकाबला

बिहार की टीम अपने रणजी ट्रॉफी अभियान का आगाज 11 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश के खिलाफ करने जा रही है। यह मुकाबला राजगीर स्थित नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जो बिहार के नए घरेलू क्रिकेट सत्र की शुरुआत का भी गवाह बनेगा।

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