23 अगस्त को पुत्रदा एकादशी, तीन शुभ योग में होगा व्रत-पूजन; पूजा के खास मुहूर्त
23 अगस्त को पुत्रदा एकादशी मनाई जाएगी, जिसमें मूल नक्षत्र, सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवियोग का शुभ संयोग ...और पढ़ें

व्रत से संतान सुख और पुण्य लाभ की मान्यता
HighLights
23 अगस्त को पुत्रदा एकादशी, चार शुभ योगों का संयोग।
संतान सुख, पुण्य लाभ और तेजस्वी संतान की प्राप्ति।
श्रीहरि विष्णु, शिव और लड्डू गोपाल की विशेष पूजा।
जागरण संवाददाता, पटना। सावन मास के शुक्लपक्ष की पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त रविवार को मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य राकेश झा के अनुसार इस दिन मूल नक्षत्र के साथ सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवियोग का संयोग बन रहा है।
व्रत से संतान सुख और पुण्य लाभ की मान्यता
मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से तेजस्वी और दीर्घायु संतान की प्राप्ति होती है तथा वाजपेयी यज्ञ के समान पुण्य मिलता है। गृहस्थ और वैष्णव दोनों इस दिन एकादशी का व्रत करेंगे।
शिव-विष्णु दोनों की कृपा मिलने की मान्यता
एकादशी व्रत और श्रीहरि विष्णु की पूजा से माता लक्ष्मी और नारायण की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। सावन मास की एकादशी का व्रत करने से शिव और विष्णु दोनों की कृपा मिलने की धार्मिक मान्यता बताई गई है।
लड्डू गोपाल की पूजा से सुख-समृद्धि की कामना
इस दिन श्रीकृष्ण के बालस्वरूप लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना की जाएगी। श्रद्धालु भगवान विष्णु के साथ सत्यनारायण प्रभु की भी आराधना करेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
गंगाजल-पंचामृत से स्नान, तुलसी और फूलों से श्रृंगार
पूजन के दौरान भगवान नारायण को गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराया जाएगा। इसके बाद नूतन वस्त्र, चंदन, फूलमाला, तुलसी और इत्र से श्रृंगार किया जाएगा। मिष्ठान, शीतल प्रसाद और ऋतुफल का भोग लगाया जाएगा।
घी के दीपक और कपूर से होगी आरती
पूजा के बाद भगवान की घी के दीपक और कपूर से आरती की जाएगी। श्रद्धालु सत्यनारायण प्रभु की पूजा के बाद कथा का श्रवण करेंगे। हरि स्मरण, वेद पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है।
एकादशी तिथि रात 3:56 बजे तक
एकादशी की तिथि रात 3:56 बजे तक रहेगी। चर-लाभ-अमृत मुहूर्त सुबह 7:03 बजे से 11:52 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:26 बजे से 12:18 बजे तक रहेगा।
दोपहर में भी मिलेगा शुभ पूजा मुहूर्त
शुभ योग मुहूर्त दोपहर 1:28 बजे से 3:04 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार शुभ योग में व्रत, पूजा-पाठ, हरिस्मरण, वेद पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से कई गुना अधिक पुण्य लाभ मिलने की धार्मिक मान्यता है।
पूजा शुभ मुहूर्त
- एकादशी की तिथि: रात्रि 03:56 बजे तक
- चर-लाभ-अमृत मुहूर्त: सुबह 07:03 बजे से 11:52 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:26 बजे से 12:18 बजे तक
- शुभ योग मुहूर्त: दोपहर 01:28 बजे से 03:04 बजे तक
