Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    प्रशांत किशोर को जेल ले जाते समय मची भगदड़, सिपाही का टूटा हाथ; पुलिस के साथ धक्का-मुक्की

    Updated: Mon, 06 Jan 2025 08:03 PM (IST)

    प्रशांत किशोर को जेल ले जाते समय अदालत परिसर में भगदड़ मच गई। समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई जिसमें एक सिपाही का हाथ टूट गया। प्रशांत किशोर ...और पढ़ें

    प्रशांत किशोर को जेल ले जाते समय मची भगदड़, सिपाही का टूटा हाथ
    प्रशांत किशोर को जेल ले जाते समय मची भगदड़, सिपाही का टूटा हाथ

    HighLights

    1. जनसुराज पार्टी के समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद धक्का-मुक्की
    2. प्रशांत जैसे ही आगे बढ़े कि भीड़ उनके पीछे दौड़ पड़ी
    3. भीड़ को रोकने के चक्कर में सिपाही वीरेंद्र प्रताप सिंह जमीन पर गिर गए

    जागरण संवाददाता, पटना। सिविल कोर्ट से हाजत (जेल) तक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को लेकर जाने के दौरान शाम लगभग चार बजे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। जनसुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) के समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद धक्का-मुक्की होने लगी। प्रशांत जैसे ही आगे बढ़े कि भीड़ उनके पीछे दौड़ पड़ी।

    भीड़ को रोकने के चक्कर में सिपाही वीरेंद्र प्रताप सिंह जमीन पर गिर गए और कई लोग उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ने लगे। किसी तरह दूसरे जवानों ने उन्हें उठाया। वह दर्द से कराह रहे थे। उन्हें पीएमसीएच भेजा गया, जहां डाक्टरों ने बाएं हाथ की हड्डी टूट गई है। पुलिस की गाड़ी के पीछे कई वाहन और बाइक से प्रशांत के समर्थक बेउर जेल के लिए रवाना हो गए।

    विदित हो कि बीपीएससी 70 पीटी (BPSC 70th Exam) को दोबारा कराने को लेकर प्रशांत किशोर गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के पास अनशन पर बैठे थे। अल सुबह कुछ समर्थकों के साथ पुलिस ने प्रशांत किशोर को गिरफ्तार किया था। उसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था।

    बंद करना पड़ा परिसर का मुख्य द्वार

    • दिन के 12 बजे कोर्ट परिसर में सामान्य दिनों की तरह भीड़ थी। इस बीच पुलिस की बोलेरो से पांच सुरक्षाकर्मियों के पास प्रशांत किशोर को कोर्ट परिसर में प्रवेश कराया गया। उनकी गाड़ी नए भवन के सामने रोकी गई।
    • पीछे से लगभग दो सौ समर्थक वहां पहुंच गए। पुलिस ने सभी को नए भवन के पास रोकने की कोशिश की, लेकिन अधिक संख्या में होने के कारण वे अंदर आने में कामयाब रहे।
    • करीब 15 मिनट के बाद एसडीजेएम आरती उपाध्याय की अदालत से निकलते ही प्रशांत ने हाथ उठाकर दो अंगुलियों से जीत का चिह्न दिखाया कि समर्थक नारेबाजी करने लगे।
    • परिसर के बाहर मौजूद लगभग तीन-चार सौ की संख्या में समर्थक अंदर की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने एहतियातन परिसर के मुख्य द्वार को बंद कर दिया।

    खबरें और भी

    दूसरे गेट से बाहर निकाले गए प्रशांत किशोर

    एसडीजेएम की अदालत से कोर्ट हाजत जाने के दौरान बीच में बने अधिवक्ता कक्ष के कारण रास्ता सकरा हो गया है। प्रशांत के साथ कदम से कदम मिलाने के लिए समर्थकों में रस्सा-कस्सी होने लगी। आगे बढ़ने की होड़ में वे धक्का-मुक्की करने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो समर्थक नारेबाजी के साथ हंगामा करने लगे। इससे अफरातफरी का माहौल बन गया।

    प्रशांत के साथ अधिवक्ताओं की टीम और उनके निजी चिकित्सक भी साथ चल रहे थे। कोर्ट हाजत पहुंचने पर उन्होंने मीडिया को संबोधित किया। इसके बाद लगभग दो घंटे तक उनके अधिवक्ता सलाह-मशवरा करते रहे।

    ये भी पढ़ें- Prashant Kishor: पीके की गिरफ्तारी पर आया नीतीश की पार्टी का रिएक्शन, RJD बोली- खुल गई सरकार की पोल