PMCH के हाईटेक भवन में फंसी नर्स, 3 घंटे तक चेंजिंग रूम में रही कैद; मास्टर कार्ड से खुला दरवाजा
पीएमसीएच के नए भवन में एक नर्स तीन घंटे तक चेंजिंग रूम में बंद रही, जिसे मास्टर कार्ड से खोला गया। ...और पढ़ें

पीएमसीएच
HighLights
पीएमसीएच के नए भवन में नर्स तीन घंटे फंसी।
मास्टर कार्ड से खोला गया चेंजिंग रूम का दरवाजा।
नर्सों ने 24 अप्रैल से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी।
जागरण संवाददाता, पटना। पीएमसीएच के नए भवन में एक नर्स चेंजिंग रूम में बंद हो गई। करीब तीन घंटे तक बंद रहने के कारण अस्पताल में अफरातफरी मच गई। मामले की सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। इसके बाद एलएनटी कंपनी के कर्मचारियों को फोन कर बुलाया गया। उन्होंने मास्टर कार्ड चाबी से दरवाजा खोला और उसके बाद नर्सों ने राहत की सांस ली।
पीएमसीएच के नए भवन में नर्सों के लिए चेंजिंग रूम बनाया गया है। हर दिन की तरह मंगलवार को ड्यूटी पूरी घर जाने के पूर्व शिल्पी नामक नर्स चेंजिंग रूम गई और जब बाहर निकलने की कोशिश की तो दरवाजा खुला ही नहीं। करीब तीन घंटे तक वह कमरे में बंद रही। बेचैन होने पर उसने सीनियर नर्सों व अन्य कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी।
कई कर्मचारी कार्ड ले जाना भूल जा रहे
मामले की जांच की गई तो पता चला ऑटोमेटिक दरवाजा कार्ड से खुलता है और की काम नहीं कर रही थी। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि कार्ड सिस्टम होने के चलते अभी कई कर्मचारी कार्ड ले जाना भूल जा रहे हैं।
हालांकि धीरे-धीरे इसकी आदत होने पर ऐसी परेशानी नहीं होगी। इसे लेकर सभी डाक्टर्स, नर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को सतर्क किया गया है।
पीएमसीएच की नर्सें 24 से करेंगी कार्य बहिष्कार
पीएमसीएच की नर्सों ने 24 अप्रैल से कार्य की चेतावनी दी है। बिहार ए-ग्रेड नर्सेज एसोसिएशन की सचिव बीथिक विश्वास ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग व अस्पताल प्रशासन ने हमारी मांगों को पूरा नहीं किया है इसलिए हमलोगों को मजबूरी में कार्य बहिष्कार का निर्णय लेना पड़ा। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन को सूचना दे दी गई है।
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उन्होंने कहा कि करीब सात माह पहले हमलोगों ने हड़ताल की थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग व अस्पताल प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक मांगे पूरी नहीं हुई हैं।
एसोसिएशन की मांग है कि नर्सों को 10 लाख का हेल्थ कार्ड दिया जाए, सेवा संपुष्टि, साल में 35 छुट्टी, सेवानिवृति के बाद संविदा पर नियुक्ति व नर्सिंग अलाउंस बढ़ाया जाए। सेवा संपुष्टि नहीं होने के कारण वरीय नर्सों की अबतक प्रोन्नित नहीं हुई है।