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    पटना में आवारा कुत्तों का आतंक: हर दिन 100 अधिक लोगों को बना रहे शिकार, क्या हैं बचाव और इलाज के तरीके?

    Updated: Tue, 26 May 2026 05:59 AM (IST)

    पटना में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है, जहाँ प्रतिदिन औसतन 100 से अधिक लोग उनके काटने का शिकार हो रहे हैं। अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन के लिए ...और पढ़ें

    पटना में आवारा कुत्तों का आतंक। फाइल फोटो

    पटना में आवारा कुत्तों का आतंक। फाइल फोटो

    HighLights

    1. पटना में प्रतिदिन 100 से अधिक लोग कुत्ते के शिकार।

    2. अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन के लिए भारी भीड़।

    3. डॉक्टरों ने तुरंत घाव धोने और टीका लगाने की सलाह दी।

    जागरण संवाददाता, पटना। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गली-मोहल्लों से लेकर बाजार और मुख्य सड़कों तक स्ट्रीट डाग लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। हालात ऐसे हैं कि राजधानी में प्रतिदिन औसतन एक सौ से अधिक लोग कुत्तों के काटने या हमला करने का शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है।

    सरकारी अस्पतालों के एंटी रैबीज सेंटर में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टर के अनुसार गर्मी के दिनों में कुत्तों का व्यवहार अधिक आक्रामक हो जाता है, इससे हमले की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई मामलों में बाइक सवारों का पीछा करने से दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।

    शहर के कई इलाकों में झुंड बनाकर घूम रहे कुत्ते सुबह-शाम राहगीरों को दौड़ा लेते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और काम पर निकलने वाले लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा नसबंदी और पकड़ने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होने के कारण समस्या लगातार बढ़ रही है।

    आइजीआइएमएस में अप्रैल 2025 से अब तक पहुंचे 28 सौ मरीज

    इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना में एंटी रेबिज वैक्सीन (एआरवी) के लिए हर दिन अमूमन 20-30 मरीज पहुंचते है। आंकड़ें बताते है कि अप्रैल 2025 से अब तक 28 सौ से अधिक मरीज पहुंचे है। दिसंबर 2025 में वैक्सीन के नहीं मिलने के कारण कोई मरीजों को नहीं दी जा सकी। सितंबर, नवंबर 2025 में 290 से अधिक मरीज पहुंचे।

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    न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में जनवरी से अप्रैल तक पुहंचे 8366 मरीज

    आयकर गोलंबर स्थित न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में काफी संख्या में मरीज वैक्सीन के लिए हर दिन पहुंचते है। आंकड़े बताते है कि जनवरी से अप्रैल 2026 तक में ही केवल 8366 मरीजों को एआरवी दिया गया। जबकि वर्ष 2025 में लगभग 21 हजार लोगों को वैक्सीन दिया गया।

    पीएमसीएच में हर दिन पहुंचते है औसतन 75-85 मरीज

    पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पीएसएम विभाग में हर दिन वैक्सीनेशन किया जाता है। इसमें केवल एआरवी के लिए हर दिन 75-85 मरीज पहुंचते है।

    सोमवार को भी एआरवी के लिए 84 मरीज पहुंचे। स्थिति यह है कि वर्ष 2025 में 16 हजार से अधिक वायल एआरवी वैक्सीन की खपत हुई थी। बीएमएससीआइएल की ओर से इसकी आपूर्ति होती है और मरीजों को मुफ्त में एआरवी वैक्सीन दिए जाते है।

    कुत्ता काटने पर क्या करें मरीज?

    आइजीआइएमएस के कम्युनिटी मेडिसीन विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार, पीएमसीएच विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कृष्णा, न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि कुत्ता काटने की स्थिति में लापरवाही खतरनाक हो सकती है, क्योंकि इससे रेबीज जैसी गंभीर बीमारी का खतरा रहता है।

    ऐसे में तुरंत सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। कहा कि नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाकर डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर जरूरत के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन और रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (आरआइजी) लगाने की सलाह दे सकते हैं।

    तुरंत करें ये काम

    • घाव को तुरंत 10 से 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोएं।
    • इसके बाद एंटीसेप्टिक दवा जैसे बेटाडीन या स्पिरिट लगाएं।
    • घाव पर मिट्टी, तेल, हल्दी या कोई घरेलू चीज न लगाएं।
    • खून बह रहा हो तो साफ कपड़े या गाज से हल्का दबाव दें।

    तुरंत अस्पताल जाएं

    • इन बातों का रखें ध्यान
    • कुत्ता पालतू हो या आवारा, दोनों स्थिति में इलाज जरूरी है।
    • काटने की जगह चेहरे, गर्दन या हाथ पर हो तो खतरा अधिक माना जाता है।
    • बच्चों को कुत्ता काटने पर तुरंत इलाज कराना चाहिए।
    • वैक्सीन की सभी डोज समय पर पूरी करें।