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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Patna News: पटना में 2.5 करोड़ से बना पुल, लेकिन 6 साल बाद भी सड़क से नहीं हो सका संपर्क, आ रही ये परेशानी

    Updated: Wed, 13 Mar 2024 02:54 PM (GMT+05:30)

    Patna News Today पटना में 6 साल पहले बने पुल पर लोग यात्रा नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल यह पुल अब तक सड़क से जुड़ नहीं पाया है। नरही-पिरही नरवा-सोनियांवा ...और पढ़ें

    पटना में 2.5 करोड़ की लागत से बना पुल अभी तक सड़क से जुड़ नहीं सका (जागरण)
    पटना में 2.5 करोड़ की लागत से बना पुल अभी तक सड़क से जुड़ नहीं सका (जागरण)

    HighLights

    1. सावा दो करोड़ से बना पुल, छह साल बाद भी नहीं बना पुल से सम्पर्क करने वाली सड़क।
    2. ठेकेदार एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते पुल निर्माण कार्य समय सीमा के अंदर पूरा नहीं हुआ।

    अमित कुमार दुल्हिन बाजार (पटना)। प्रखंड क्षेत्र के जमुई बाजार से कोरइया, नरवा, सोनियाँवा,दिहुली, सबजपुरा, मोकिमपुर, आलमपुर, होते हुए बिक्रम प्रखण्ड के मझनपुरा गांव के पास नौबतपुर रामपुर - दुल्हिन बाजार पथ में जुड़ने वाले सड़क प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत नींव छह वर्ष पूर्व रखी गई थीं।

    नरही-पिरही, नरवा-सोनियांवा, सीही-पनसुही पंचायत के दर्जन भर गांव के ग्रामीणों को इस सड़क बन जाने से पटना जाने में 15 किलोमीटर की दूरी कम जायेगी।

    जिससे लोगों मे उत्साह का माहौल था। मोकिमपुर- बेरी के पास से दह नाला गुजरती हैं जिस पर पुल के निर्माण किया गया था। परंतु एप्रोच सड़क नहीं बनने सड़क सपना ही रह गया।

    जिला पार्षद सह राजद प्रखण्ड अध्यक्ष सर्वेश यादव ने बताया दर्जनों गांव के लोगो को पटना जाने का नजदीक यह रास्ता हैं इसलिये प्रमुखता से यह सड़क की मांग वर्षो से की जा रही हैं।

    6 साल बने हुए पुल लेकिन सड़क से नहीं जुड़ पा रही संपर्क

    लगभग दस वर्ष पूर्व सड़क की मापी हुई करोड़ो की लागत से छह वर्ष पूर्व पुल का निर्माण हुआ परंतु एप्रोच पथ नहीं बनने के चलते पुल बेकार साबित हो रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़क को नाबार्ड के तहत बनाने की चर्चा हो रही हैं।

    स्थानीय वर्तमान मुखिया कृष्ण मोहन पासवान एवं पूर्व मुखिया संजय रजक ने बताया कि जब पुल बनने का कार्य शुरू हुआ था तो क्षेत्र के लोगों में काफी खुशी दिखाई दे रही थी।

    परंतु ठेकेदार एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते पुल निर्माण कार्य समय सीमा के अंदर पूरा नहीं हुआ। पुल को एक वर्ष के अंदर बनना था। परंतु पुल बनने में लगभग ढाई वर्ष से ज्यादा समय लग गया। अब जब पुल बनकर तैयार हुआ है, तो पुल के दोनों ओर एप्रोच पथ का काम पहले से स्थित पगडंडी पर मिट्टी भराई से आगे नहीं हुआ।

    इसके चलते क्षेत्र के लोग पुल के लाभ से वंचित हैं। मोकिमपुर गांव के श्रधा यादव ने बताया कि इस मार्ग से दर्जनों गांव के लोग पटना व नौबतपुर जाने का रास्ता सुगम हो जायेगा। एप्रोच पथ नहीं बनने के कारण लोग सिर्फ बाईक व साइकिल से आ जा सकते हैं।

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    बारिश के मौसम में हो जाता है बुरा हाल

    बारिश के मौसम में इस मार्ग से पैदल आवागमन पुर्ण रूप से बाधित हो जाता है। क्योंकि बरसात के मौसम पुल टापु बन जाती हैं व पगडंडी जलमग्न हो जाता है। पता नहीं कि अब एप्रोच पथ कितने दिनों में बनेगा। काफी संख्या में क्षेत्र के लोगों के संबंधित विभाग के अधिकारियों व स्थानीय विधायक से विधानसभा पटल पर बात रख कर इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए शीघ्र एप्रोच पथ बनाने की मांग की।

    ताकि पुल से क्षेत्र के लोगों का आवागमन चालू हो सके।वही इस संबंध में विभागीय जेई सुजीत कुमार ने बताया है नाबार्ड योजना से 1600 मीटर कच्ची काम कराने का निविदा हो चुकी हैं, मिट्टी नही मिलने के कारण एप्रोच पथ पर काम धीमा हैं। पुल एप्रोच पथ पर कार्य शुरू कर दिया गया।

    जल्द ही 2200 मीटर पक्की सड़क का भी निविदा होने वाला हैं डीपीआर तैयार हैं। जल्द ही एप्रोच सड़क का निर्माण कार्य किया जाएगा।

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