यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mahila Udyami Yojana: महिलाओं के खाते में आएंगे 5 हजार करोड़ रुपये, आप भी उठा सकती हैं लाभ
नीतीश कुमार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की है। इसके ...और पढ़ें

HighLights
- 50 लाख महिलाओं को मिलेगी आर्थिक सहायता।
- मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का शुभारंभ।
- स्वरोजगार के लिए 5000 करोड़ का वितरण।
राज्य ब्यूरो, पटना। अपनी पहली सरकार से ही आधी आबादी के उत्थान में लगे नीतीश कुमार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की है।
इसके अंतर्गत प्रत्येक परिवार से एक महिला को 10 हजार की आर्थिक सहायता दी जानी है। पहले सोमवार (22 सितंबर) को इस योजना का शुभारंभ होना था, लेकिन अब 26 सितंबर को मुख्यमंत्री राज्य की 50 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त भेजेंगे।
कुल 5000 करोड़ रुपये का वितरण होगा, जिससे महिलाएं स्वरोजगार करेंगी। बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से यह राशि हस्तांतरित होगी।
यह राशि महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने, छोटे-मोटे व्यवसाय स्थापित करने या वर्तमान व्यवसायों को बढ़ाने में सहायता के उद्देश्य से दी जा रही है। अब तक 1.05 करोड़ जीविका दीदियों ने इसके लिए आवेदन किया है।
साथ ही 1.40 लाख से अधिक महिलाओं ने समूह से जुड़ने के लिए आवेदन किया है। जीविका स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को ही इसका लाभ देने का प्रविधान है।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह द्वारा जिलाधिकारियों को पत्र के जरिये निर्देश दिया गया है कि संकुल स्तरीय संघ और ग्राम संगठन स्तर पर इसे उत्सव के तौर पर मनाया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर भी कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें एसएचजी के सदस्यों की सहभागिता होगी।
कार्यक्रम की रूपरेखा
- सभी 38 जिला मुख्यालय में डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसमें जन प्रतिनिधि के अलावा जिला-स्तरीय अधिकारी एवं एसएचजी से जुड़ी कम से कम 1 हजार महिलाएं भाग लेंगी।
- सभी 534 प्रखंड मुख्यालय में बीडीओ (प्रखंड विकास पदाधिकारी) की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम होगा। इसमें प्रखंड-स्तरीय जन-प्रतिनिधि, अधिकारी और एसएचजी से जुड़ी 500 महिलाएं भाग लेंगी।
- जीविका के सभी 1680 संकुल-स्तरीय संघ पर भी इस कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसमें संकुल स्तरीय जीविका समूह की 200 महिलाएं सम्मिलित होंगी।
- जीविका के सभी 70 हजार ग्राम संगठन स्तर पर भी इस कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई है। इसमें एसएचजी से जुड़ी 100 महिलाएं भाग लेंगी।
लाभ के पात्र
योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा, जिनमें पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे हैं। वैसी अविवाहित वयस्क महिलाएं,जिनके माता-पिता जीवित नहीं हैं, वे भी पात्र होंगी।
उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदिका या उनके पति आयकर-दाता या सरकारी सेवा (नियमित या संविदा) में नहीं होने चाहिए।
आवेदन की प्रक्रिया
- ग्रामीण क्षेत्र : एसएचजी से जुड़ी महिलाएं अपने ग्राम संगठन में आवेदन जमा करेंगी। ग्राम संगठन स्तर पर एक विशेष बैठक आयोजित होगी, जिसमें समूह के सभी सदस्यों का एक समेकित प्रपत्र में आवेदन लिया जाएगा। जो महिलाएं स्वयं सहायता समूह से नहीं जुड़ी हैं, उन्हें पहले अपने ग्राम संगठन में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन देकर समूह में सम्मिलित होना होगा।
- शहरी क्षेत्र : शहरी क्षेत्र की महिलाएं जीविका की आधिकारिक वेबसाइट (www.brlps.in) पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से आनलाइन आवेदन कर सकती हैं। पूर्व से एसएचजी से जुड़ी शहरी महिलाओं को आनलाइन आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी।
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