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19 लाख से 126 करोड़ का टर्नओवर, 90 लाख ड्रेस सिलकर बिहार की 'जीविका दीदियों' ने रचा इतिहास

Published: Tue, 08 Sep 2026 07:41 PM (IST)

बिहार की जीविका दीदियों ने 90 लाख बच्चों के लिए ड्रेस सिलकर 126 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल किया है। ...और पढ़ें

19 लाख से 126 करोड़ का टर्नओवर, 90 लाख ड्रेस सिलकर बिहार की 'जीविका दीदियों' ने रचा इतिहास (AI Generated Image)

19 लाख से 126 करोड़ का टर्नओवर, 90 लाख ड्रेस सिलकर बिहार की 'जीविका दीदियों' ने रचा इतिहास (AI Generated Image)

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की जीविका दीदियां अपनी परिश्रम के बूते हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। इसी क्रम में जीविका दीदियों ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्रों के 90 लाख बच्चों के लिए ड्रेस की सिलाई कर 126 करोड़ रुपये का टर्नओवर खड़ा किया है।

ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में जीविका-बिहार रूरल लाइवलीहुड्स प्रमोशन सोसाइटी (बीआरएलपीएस) के सहयोग से जानकी जीविका महिला स्टिचिंग प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (जानकी पीसी) का गठन किया गया।

इस कंपनी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में लगभग 50 हजार दीदियों को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आवासीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में रह रहे बच्चों के लिए ड्रेस सिलाई की जिम्मेदारी सौंपी गई।

वर्ष 2023-24 में मात्र 19 लाख रुपये का शुरुआती टर्नओवर से शुरू हुई जीविका दीदियों कंपनी का टर्नओवर करोड़ों में पहुंच चुका है।

आंकड़े बताते हैं कि ये दीदियां अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आवासीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर रह रहे बच्चों के लिए अभी तक 90 लाख से भी अधिक ड्रेस की सिलाई कर चुकी हैं। अकेले वर्ष 2026-27 में इन दीदियों ने ड्रेस की सिलाई से 126 करोड़ रुपये का विशाल टर्नओवर खड़ा किया है।

सरकारी ऑर्डर बाहरी राज्यों या बिचौलियों के पास पहुंचने की बजाए सीधे स्थानीय ग्रामीण परिवारों और बिहार की अर्थव्यवस्था में दर्ज हो रहा है। संगठित सिलाई कार्य से महिलाओं के भीतर व्यावसायिक समझ, वित्तीय साक्षरता और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ है।

जीविका दीदियां केवल अपने परिवार का सहारा ही नहीं, बिहार के प्रगति की रीढ़ भी बन चुकी हैं। जीविका स्टिचिंग कंपनी से जुड़ी हजारों दीदियों ने आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए 90 लाख से अधिक ड्रेसेज सिलकर इतिहास रचा है। दीदियों के पसीने और लगन से मिली इस आर्थिक आजादी ने बिचौलियों का अंत कर सीधे ग्रामीण परिवारों के जीवन में खुशहाली और स्वाभिमान का नया सवेरा लाने का काम किया है। - श्रवण कुमार, मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग व सूचना एवं जन संपर्क विभाग