यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ED Raid in Bihar: चिराग पासवान के करीबी नेता के घर ED की ताबड़तोड़ छापामारी, इस मामले में हुआ एक्शन
Bihar News चिराग पासवान के नजदीकी और लोजपा (रामविलास) के नेता हुलास पांडेय के तीन ठिकानों पर ईडी की रेड हुई है। गंभीर आरोप के बाद यह कार्रवाई की गई है ...और पढ़ें

HighLights
- चिराग पासवान के करीबी नेता पर कसा शिकंजा
- ईडी ने हुलास पांडेय के कई ठिकानों पर की रेड
राज्य ब्यूरो, पटना। ED Raid on Hulas Pandey: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लोजपा नेता व सुनील पांडे के भाई हुलास पांडेय के पटना में दो समेत तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है।
अब तक की कार्रवाई में प्रवर्तन निदेशालय को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सबूत मिलने की बात सामने आ रही है। समाचार लिखे जाने तक प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई जारी है। बता दें कि बालू खनन मामले में बिहार के कई बाहुबलियों के खिलाफ ईडी की जांच चल रही है। ईडी महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाने में लग गई है।
बालू खनन बिहार की कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है जिसमें पुलिस वाले जान तक गंवा रहे हैं।
बालू के अवैध खनन मामले में हुई तलाशी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ईडी ने हुलास पांडेय के खिलाफ यह कार्रवाई मनी लांड्रिंग व बालू के अवैध खनन मामले में की है। सूत्र के मुताबिक है प्रवर्तन निदेशालय बालू के अवैध खनन और सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान पहुँचाने के मामले में लगातार कार्रवाई करती रही है।
इसी कड़ी में ईडी की अलग अलग टीमों ने शुक्रवार को हुलस के पटना में दो जबकि बंगलूरू में एक स्थान पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बालू के अवैध व्यापार मेंलव में ईडी अब तक करीब दर्जन भर लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। इस मामले के कई आरोपित तो जेल में भी हैं।
खबरें और भी
अब इस मामले में लोजपा नेता हुलास का नाम भी आया है। फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई अब भी चल रही है। अन्य विवरण की प्रतीक्षा है।
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भारत सरकार की एक प्रमुख एजेंसी है, जो आर्थिक अपराधों की जांच और उन पर कार्रवाई करने के लिए जिम्मेदार है।
ईडी के मुख्य काम हैं:
- मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) की जांच करना।
- विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत अपराधों की जांच करना।
- आर्थिक अपराधों की जांच करना, जैसे कि कर चोरी, बैंक धोखाधड़ी, और अन्य आर्थिक अपराध।
- आर्थिक अपराधों के मामलों में अदालत में मामला दर्ज करना और अभियोजन चलाना।
- आर्थिक अपराधों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए नीतियों और कानूनों का मसौदा तैयार करना।
- अन्य देशों के साथ आर्थिक अपराधों की जांच और अभियोजन में सहयोग करना।
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