बिहार में मूर्ति विसर्जन को लेकर नई गाइडलाइन जारी, उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
बिहार में दुर्गा पूजा के अवसर पर शांति बनाए रखने के लिए सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पूजा पंडालों और जुलूसों के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है ...और पढ़ें

HighLights
- पंडालों और जुलूसों के लिए लाइसेंस अनिवार्य |
- नेपाल सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी |
- ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह |
राज्य ब्यूरो, पटना। प्रदेश में दुर्गा पूजा के अवसर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सुरक्षा के लिए लिहाज से सरकार ने जहां पूजा पंडालों के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है। वहीं मूर्ति विसर्जन और जुलूस के लिए भी लाइसेंस आवश्यक होगा।
जो भी जुलूस अनुमति से निकलेंगे उनकी भी वीडियोग्राफी होगी। प्रदेश में पिछले कुछ वर्ष से औसतन 15-16 हजार प्रतिमाएं स्थापित होती हैं। इस वर्ष भी करीब 16 हजार प्रतिमाएं स्थापित होने की संभावना है।
पुलिस मुख्यालय ने पूजा के दौरान तमाम सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से करने के साथ ही सभी थानों को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का सख्त निर्देश जारी किया है।
राज्य के किसी थाना क्षेत्र में कोई हंगामा होता है या किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो इसके लिए दोषी पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट
माता का दर्शन करने तथा पूजा पंडाल देखने लाखों की संख्या में लोग शहरों की तरफ आते हैं। उनके आवागमन के दौरान रास्ते में कई बार छिनतई, छेडख़ानी और लूटपाट न हो इसके लिए पुलिस को ऐसे रास्तों की पहचान करते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार से जुडऩे वाली नेपाल की सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। सीमा पर मौजूद करीब 127 थानों को गश्ती बढ़ाने व चेकिंग में तेजी के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल सीमा के अलावा पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।
इंटरनेट मीडिया यूनिट के अलावा राज्य मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया कमांड सेंटर को भी पूरी तरह से मुस्तैद रहने को कहा गया है। पूजा में आफर के नाम पर ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लोगों को सजग रहने की सलाह दी गई है।
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पुलिस मुख्यालय में मौजूद नियंत्रण कक्ष को भी चौबीस घंटे सक्रिय कर दिया गया है। सभी जिलों से निरंतर रिपोर्ट तलब की जा रही है। विसर्जन जुलूस के मार्ग में पडऩे वाले दूसरे समुदाय के धार्मिक स्थलों पर मैजिस्ट्रेट की तैनाती रहेगी। पंडालों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे।
सभी जिलों के एसपी से लेकर थाना स्तर तक सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए कहा गया है। अगर उपद्र से संबंधित कोई कांड कहीं दर्ज होगा, तो उसकी स्पीडी ट्रायल करवाकर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। -विनय कुमार (डीजीपी, बिहार पुलिस)
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