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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देहरादून में डकैती का मामला... बेउर से गिरफ्तार शशांक ने पुलिस के सामने उगले कई राज, सामने आया एक करोड़ का ऐंगल

By Jagran News Edited By: Mukul Kumar
Updated: Thu, 11 Jan 2024 09:43 AM (IST)

रिलायंस ज्वेल्स में 14 करोड़ की डकैती मामले में अब कई तरह के खुलासे हो रहे हैं। बेउर से गिरफ्तार शशांक सिंह ने दून पुलिस की पूछताछ में कई अहम राज उगले ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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HighLights

  1. सुबोध के साथ मिलकर देहरादून में लूट की योजना बनाई गई
  2. बेउर जेल में शशांक की मुलाकात सोना लूटकांड के आरोपितों से हुई

जागरण टीम, देहरादून/पटना। देहरादून में गत वर्ष नौ नवंबर को रिलायंस ज्वेल्स में 14 करोड़ की डकैती मामले में बेउर से गिरफ्तार शशांक सिंह ने दून पुलिस की पूछताछ में कई अहम राज उगले है। दून पुलिस के अनुसार, बेउर जेल में शशांक की मुलाकात सोना लूटकांड के आरोपित सुबोध और राजीव से हुई थी।

इन दोनों के कहने पर ही शशांक गिरोह चलाने लगा था। दोनों ने शशांक को जल्द ही जमानत करवाने और एक करोड़ रुपये देने का आश्वासन दिया था। शशांक को पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर दून लाई थी और पूछताछ के बाद कोर्ट में पेशकर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

लूट के सामनों की बरामदगी के लिए प्रयास तेज

मामले में अब तक 11 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब लूट के सामनों की बरामदगी के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि डकैती के सरगना शशांक सिंह उर्फ सोनू राजपूत को छह जनवरी की देर रात पटना से गिरफ्तार किया गया था।

पूछताछ में शशांक ने बताया कि सुबोध के साथ मिलकर उसने देहरादून में रिलांयस ज्वेल्स शोरूम को लूटने की योजना बनाई थी। घटना को अंजाम देने के लिए प्रिंस कुमार, अखिलेश उर्फ अभिषेक, विक्रम कुशवाहा, राहुल व अविनाश को देहरादून भेजा गया था।

शशांक ने पुलिस को बताया कि सोना लूटाकांड के आरोपित सुबोध से उसकी पहचान अपने मोहल्ले में रहने वाले रोशन सिंह नाम के व्यक्ति के माध्यम से हुई थी, जो सुबोध के लिए काम करता था।

बेउर जेल में हैकर से मुलाकात

बेऊर जेल में शशांक की पहचान राजस्थान के एक हैकर से हुई। उसी ने शशांक, सुबोध व राजीव कुमार सिंह उर्फ पुल्लु सिंह उर्फ सरदार को वर्चुअल सिम बनाने की जानकारी दी।

आरोपित पहले वाट्सएप कॉल से जेल के भीतर से ही अपने गुर्गों को निर्देश देते थे, बाद में वर्चुअल सिम के माध्यम से बात करने लगे। सुबोध व राजीव ने शशांक से कहा कि उन्हें पुराने मुकदमों में जमानत करानी है।

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