तीन महीने से अटका भत्ता, रेलकर्मियों का फूटा गुस्सा... बिहार में काली पट्टी बांधकर ड्यूटी, अब बड़े आंदोलन की तैयारी
दानापुर मंडल के रेलकर्मियों ने तीन महीने से लंबित यात्रा एवं भत्ता भुगतान न होने पर काली पट्टी बांधकर विरोध ...और पढ़ें

रेलकर्मियों ने काली पट्टी बांधकर ड्यूटी की
HighLights
रेलकर्मियों ने तीन माह से लंबित भत्ते के लिए विरोध किया।
दानापुर मंडल में 'धन नहीं' कहकर भुगतान रोका गया।
भुगतान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
जागरण संवाददाता, पटना। रनिंग कर्मचारियों के लंबित यात्रा एवं भत्ता (टीए/सीटीए) का तीन महीने से भुगतान नहीं होने के विरोध में मंगलवार को दानापुर मंडल के रेलकर्मियों ने काली पट्टी बांधकर ड्यूटी की। ईस्ट सेंट्रल रेलवे मेंस कांग्रेस और इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ आर्गनाइजेशन के आह्वान पर मंडल के विभिन्न डिपो और कार्यस्थलों पर कर्मचारियों ने गांधीवादी तरीके से विरोध जताया।
धन नहीं होने का हवाला देकर भुगतान रोकने का आरोप
ईस्ट सेंट्रल रेलवे मेंस कांग्रेस के जोनल अध्यक्ष बीपी सिंह ने कहा कि कर्मचारी अपनी मेहनत से अर्जित भत्ते के भुगतान के लिए तीन महीने से इंतजार कर रहे हैं।
उनके अनुसार धनबाद, डीडीयू, सोनपुर और समस्तीपुर मंडल में कर्मचारियों को लगातार भत्ते का भुगतान किया जा रहा है, जबकि दानापुर मंडल में धन उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर भुगतान रोक दिया गया है। इससे कर्मचारियों में रोष है।
किस्त और बच्चों की फीस तक भरने में परेशानी
संगठन का कहना है कि भत्ते का भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों को किस्त, बच्चों की फीस और अन्य जरूरी खर्चों के भुगतान में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने लंबित भत्ते का भुगतान तत्काल जारी करने की मांग की है।
बोले- सरकार के खिलाफ नहीं, अपने अधिकार की मांग
संगठन के मंडल अध्यक्ष सुभाष चंद्र बोस ने कहा कि कर्मचारी प्रशासन या सरकार के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि अपने अधिकार और सम्मान की मांग कर रहे हैं।
सचिव कुंदन प्रमोद कुमार ने कहा कि काम के बदले मिलने वाला भत्ता कर्मचारियों का अधिकार है और इसका समय पर भुगतान किया जाना चाहिए।
भुगतान नहीं हुआ तो बढ़ेगा आंदोलन
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र लंबित भत्ते का भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कार्य बहिष्कार जैसे कठोर कदम उठाने की बात भी कही गई।
इस दौरान यूएस सिन्हा, चंद्रेश्वर राय, सुनील कुमार सिंह, अमित कुमार सहित अन्य पदाधिकारी विभिन्न कार्यस्थलों पर मौजूद रहे।
