खरगे के 'शुद्धिकरण' दावे पर चिराग पासवान का बड़ा बयान, बोले- दलित भेदभाव पर चिंता...अगर ऐसा हुआ है तो जांच हो
मल्लिकार्जुन खरगे के उत्तराखंड में 'शुद्धिकरण' के दावे पर चिराग पासवान ने कहा कि यदि यह घटना सच है तो ...और पढ़ें

चिराग बोले- शिकायत गंभीर है तो जांच जरूरी
HighLights
खरगे के 'शुद्धिकरण' दावे पर चिराग पासवान ने जांच मांगी।
दलितों के साथ भेदभाव के मामलों को गंभीरता से लिया जाए।
चिराग पासवान ने संसद में विपक्ष के गतिरोध की निंदा की।
डिजिटल डेस्क, पटना। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के उत्तराखंड में ‘शुद्धिकरण’ के दावे ने राजनीतिक बहस तेज कर दी है। खरगे ने आरोप लगाया था कि उनके दलित होने की वजह से उनके कार्यक्रम के बाद रामलीला मैदान का शुद्धिकरण कराया गया।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर घटना की पुष्टि नहीं है, लेकिन अगर खरगे जैसे वरिष्ठ नेता ने सदन में चिंता जताई है तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
चिराग बोले- शिकायत गंभीर है तो जांच जरूरी
चिराग पासवान ने कहा कि देश की सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विपक्ष के नेता ने अगर किसी घटना को लेकर चिंता जाहिर की है, तो यह निश्चित तौर पर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आज भी दलितों के साथ भेदभाव के उदाहरण सामने आते हैं।
उन्होंने सामाजिक भेदभाव की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कई जगह दलित युवाओं को घोड़ी पर चढ़ने और बारात निकालने से रोका जाता है। मंदिर में प्रवेश के बाद मंदिर परिसर को धुलवाने जैसी घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
‘ऐसी घटना हुई है तो सरकार जांच कराए’
चिराग पासवान ने कहा कि यदि उत्तराखंड में खरगे के साथ बताई गई घटना वास्तव में हुई है तो वह खुद वहां की सरकार से इसकी जांच कराने का आग्रह करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति के आधार पर भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस बयान के बाद मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित न रहकर सामाजिक भेदभाव के मुद्दे से भी जुड़ गया है। अब नजर इस बात पर है कि उत्तराखंड सरकार इस आरोप पर क्या कदम उठाती है।
सदन में गतिरोध को लेकर विपक्ष पर निशाना
चिराग पासवान ने संसद की कार्यवाही बाधित होने को लेकर विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष की ओर से सदन चलाने के लिए लगातार प्रयास किए गए।
उनके मुताबिक केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्षी नेताओं से बातचीत की और राहुल गांधी से भी संपर्क किया।
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। चिराग के अनुसार अमित शाह ने यह तक कहा था कि वह सदन में पूरा समय बैठेंगे, विपक्ष के सवाल सुनेंगे और उनका जवाब देंगे।
‘विपक्ष ने पहले ही तय कर लिया था कि सदन नहीं चलने देना है’
चिराग पासवान ने आरोप लगाया कि विपक्ष अलग-अलग मुद्दों को लेकर सदन की कार्यवाही बाधित करता रहा।
उन्होंने कहा कि कभी छात्रों का मुद्दा, कभी राम मंदिर, कभी प्रधानमंत्री से माफी की मांग और कभी गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई गई।
उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने पहले से तय कर लिया था कि सदन को चलने नहीं देना है। चिराग ने कहा कि अगर विपक्ष को गृह मंत्री अमित शाह से शिकायत थी और वह उनसे जवाब चाहता था, तो चर्चा कराकर उनका पक्ष सुनना चाहिए था।
अरुण भारती ने भी कार्रवाई की मांग की
एलजेपी रामविलास के सांसद अरुण भारती ने भी मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर दलित होने के कारण खरगे का अपमान किया गया है तो ऐसा करने वाले व्यक्ति या लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अरुण भारती ने साफ कहा कि इस तरह की घटना को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। खरगे के आरोप, चिराग पासवान की जांच की मांग और अरुण भारती के बयान के बाद उत्तराखंड का यह मामला राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गया है।
